हैदराबाद : भारतीय इतिहास के पन्नों में काले दिन के रूप में दर्ज 14 फरवरी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह बात लायन प्रेमचंद मुनोत जैन, डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन, लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 320D एवं लायंस क्लब ऑफ समर्पण ने कही है। वे पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।

यह कार्यक्रम शनिवार को तेलंगाना सिटिज़न्स काउंसिल स्वैच्छिक संस्था के तत्वावधान में लाल दरवाजा स्थित इंदिरा विद्या निकेतन उच्च विद्यालय में आयोजित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि वीर जवानों ने देश के प्रति अटूट निष्ठा और समर्पण का परिचय दिया और उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों को सदैव याद रखना चाहिए।

इसी क्रम में ओल्ड सिटी (भाग्यनगर) के शिक्षाविद एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी सुभाष जैन ने कहा कि 14 फरवरी भारतीय इतिहास का एक दुखद दिन है। पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में शहीद हुए 40 वीर जवानों की सेवाओं और बलिदान को देशवासी कभी नहीं भूलेंगे।
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इसी तरह तेलंगाना सिटिज़न्स काउंसिल के राज्य अध्यक्ष डॉ. राजनारायण मुदिराज ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं में देशभक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य से संस्था समय-समय पर शहीद जवानों की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है। उन्होंने बताया कि ओल्ड सिटी (भाग्यनगर) में विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं के बीच देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपिशेट्टी प्रमोद, तेलुगु देशम पार्टी के समन्वयक बी. वाई. श्रीकांत, कांग्रेस ओबीसी सेल ग्रेटर हैदराबाद के उपाध्यक्ष काशमुनि श्याम राव मुदिराज, सेवानिवृत्त सरकारी प्रधानाध्यापक प्रसाद राव, योग प्रशिक्षक संगनबोयिना रामकृष्ण शास्त्री, सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यकांत, इंदिरा विद्या निकेतन उच्च विद्यालय के कॉरस्पॉडेंट आनंद कुमार, ऑल इंडिया रेडियो के सेवानिवृत्त तकनीकी अधिकारी नरेंद्र रेड्डी, संस्था के समन्वयक बिच्चुकारी सूर्य और जी. वेणुगोपाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इससे पहले लाल दरवाजा से नेहरू प्रतिमा तक एक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों, समाजसेवियों और युवाओं ने राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर आतंकवाद के विरुद्ध नारे लगाए। अंत में शहीद जवानों को मोमबत्तियां जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
