हैदराबाद : बिहार के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने जोरदार प्रदर्शन किया है। 243 सीटों वाली बिहार की विधानसभा में से 202 सीटों के साथ एनडीए जबरदस्त जीत की ओर बढ़ चुका है। जबकि आरजेडी की अगुवाई वाले महागठबंधन के खाते में 35 के आसपास सीटें आ रही हैं।
चुनाव में बड़े चेहरों की बात करें तो कुटुंबा विधानसभा सीट से हम उम्मीदवार ललन भुईयां ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को चुनाव हरा दिया है। राघोपुर से राजद के तेजस्वी यादव 14,532 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव महुआ से चुनाव हार गए हैं। तेज प्रताप यादव 35,703 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों में एनडीए 206 सीटों के साथ आगे है। महागठबंधन 30 सीटों पर आगे हैं। अन्य 7 सीटों पर आगे चल रहे हैं। चुनाव आयोग के 6 बजे के आंकड़ों के अनुसार बीजेपी 90 सीटों पर आगे चल रही है। गौरतलब है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा 2025 नहीं लड़ रहे हैं। वह बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने सबको चौंकाया है। 6 बजे के आंकड़ों के अनुसार एआईएमआईएम के प्रत्याशी चार सीटों पर चुनाव जीत चुके हैं। जोकीहाट, बहादुरगंज, कोचाधामन और अमौर सीटों पर एआईएमआईएम के प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं।
एनडीए को 202सीटों पर बढ़त
बिहार चुनाव के लिए चल रही मतों की गिनती में एनडीए को रुझानों में बहुमत मिल गया है। एनडीए ने 203 सीटों पर बढ़त बना रखी है। वहीं, महागठबंधन के उम्मीदवार 35 सीट पर आगे चल रहे हैं। अन्य दल 6 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
ఎన్డీఏ 203 స్థానాల్లో ఆధిక్యంలో
ప్రస్తుతం జరుగుతున్న బీహార్ ఎన్నికల కౌంటింగ్ ట్రెండ్స్లో ఎన్డీఏ మెజారిటీ సాధించింది. ఎన్డీఏ 202 స్థానాల్లో ఆధిక్యంలో ఉంది. ఇదిలా ఉండగా, మహా కూటమి 35 స్థానాల్లో ఆధిక్యంలో ఉంది. ఇతర పార్టీలు 6 స్థానాల్లో ఆధిక్యంలో ఉన్నాయి.
बिहार विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती जारी है। अब लगभग आधे दौर की मतगणना हो चुकी है। इसमें जो प्रदेश की राजनीति में बीजेपी के लिए बहुत ही अच्छा संकेत मिल रहे हैं। बिहार में नीतीश कुमार की जेडीयू, यूं तो तीन दशकों से भी ज्यादा से बीजेपी की सहयोगी रही है। हालांकि, नीतीश कुमार ने बीच-बीच में पलटी मार कर इसके लिए मुसीबत भी खड़ी की है। फिर भी इस बार जो चुनाव के रुझान मिल रहे हैं। अंतिम परिणाम उसी तरह से आते हैं तो बीजेपी को छोड़कर भी नीतीश अब उसके लिए बिहार में चुनौती नहीं कर पाएंगे।

बिहार में बीजेपी न सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है, बल्कि जेडीयू के बगैर भी वह एनडीए के अन्य सहयोगियों के साथ जादुई आंकड़े को पार करती नजर आ रही है। ऐसे में नीतीश कुमार के लिए भाजपा के साथ किसी तरह का बिहार में बार्गेनिंग करना आसान नहीं रह गया है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से यह बार-बार दोहराया गया है कि चुनाव के बाद भी परिणाम चाहे जो भी आएं, गठबंधन के चेहरे नीतीश कुमार ही बने रहेंगे। जेडीयू की ओर से भी यह बात दोहराई गई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही होंगे। तथ्य यह भी है कि 2020 के मुकाबले लगभग दोगुनी सीट जीतने के बाद भी वहां सत्ता का समीकरण जेडीयू के हाथों से निकलकर पूरी तरह से बीजेपी की हाथों में चला गया मालूम होता है।
तीन बजे तक के मतगणना रुझानों से मालूम होता है कि एनडीए 243 में से 206 सीटों पर बढ़त बना चुका है। इसमें अगर जेडीयू की संभावित 83 सीटें कम भी कर दी जाएं तो भी यह गठबंधन जादुई आंकड़े को छू सकता है। क्योंकि, बीजेपी- 95, एलजेपी (आर)- 20, हम- 5 और रारएलएम- 4 सीटों पर आगे है, जो आंकड़ा 124 तक पहुंच रहा है। यही नहीं, अगर जेडीयू पलटी मारकर फिर से महागठबंधन के साथ जाए तो भी वह जादुई आंकड़ा 122 से काफी पीछे छूट जाएगा।
हैदराबाद : बिहार विधानसभा चुनाव में वोटिंग खत्म के बाद आज वोटों की गिनती हो रही है। सबसे पहले पोस्टल बैलेट वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। चुनाव परिणाम से यह तय हो जाएगा कि बिहार में एनडीए की सरकार की वापसी होगी या महागठबंधन सत्ता में आएगा। चुनाव नतीजों से तय होगा कि राज्य का अगला सीएम कौन बनेगा।
बिहार चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से जनता दल-यूनाइटेड के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और राजद के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच है। इस बार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) की मौजूदगी कई सीटों पर चुनाव नतीजों को प्रभावित कर सकती है।

मतों की गिनती के साथ ही लोगों की नजर राघोपुर, महुआ, तारापुर, मोकामा, अलीगंज, सीवान से लेकर छपरा विधानसभा सीटों के परिणामों पर रहेगी। चुनाव परिणाम के बाद आज साफ हो जाएगा कि लोग जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख और राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार को लगातार पांचवें कार्यकाल का मौका देंगे या बदलाव का रास्ता चुनेंगे। मतगणना राज्य के सभी 38 जिलों में स्थापित 46 केंद्रों पर की जा रही है।
बिहार विधानसभा चुनाव के दो चरणों का मतदान 6 और 11 नवंबर को हुआ था। इस बार राज्य में 1951 के बाद का सबसे अधिक 67.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं। यहां सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 122 है। प्रदेश में इस समय नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। एनडीए में पांच दल शामिल हैं। हालांकि 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए की तरफ से जद(यू) और भाजपा ने समान रूप से 101-101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। (एजेंसियां)
Also Read-
బిహార్ అసెంబ్లీ ఎన్నికల ఓట్ల లెక్కింపు ప్రారంభం
హైదరాబాద్ : దేశవ్యాప్తంగా ఎదురు చూస్తున్న బిహార్ అసెంబ్లీ ఎన్నికల కోసం వేసిన ఓట్ల లెక్కింపు ఉదయం 8 గంటలకు అధికారికంగా ప్రారంభమైంది. మొత్తం 243 నియోజకవర్గాల కోసం రెండు దఫాల్లో జరిగిన పోలింగ్లో 67.13% మంది ఓటర్లు హాజరయ్యారు. ఇది 1951 తర్వాత రాష్ట్రంలో నమోదైన అత్యధిక ఓటర్ల శాతం కావడంతో ఓట్ల లెక్కింపు, పలితంపై దేశ వ్యాప్తంగా చర్చ నడుస్తోంది.
తొలి దశలో పోస్టల్ బ్యాలెట్లను లెక్కించడం అధికారులు ప్రారంభించారు. దీని అనంతరం ఈవీఎంల లెక్కింపును ప్రారంభించేందుకు ఎన్నికల అధికారులు ఏర్పాట్లు పూర్తి చేశారు. రాష్ట్ర వ్యాప్తంగా 46 ఓట్ల లెక్కింపు కేంద్రాలు ఏర్పాటు చేయగా, అక్కడ కట్టుదిట్టమైన భద్రతా ఏర్పాట్లు, సీసీటీవీ పర్యవేక్షణ, మూడు స్థాయిల భద్రత అమల్లో ఉన్నాయి.
ఈసారి బిహార్ అసెంబ్లీ ఎన్నికల్లో ప్రధానంగా పోటీ NDA కూటమి, మహాగఠబంధన్ మధ్య జరుగుతుంది. ఎక్కువ ఓటింగ్ శాతం వల్ల ఎన్నికల ఫలితాల్లో మార్పు వచ్చే అవకాశాలు ఉన్నాయని విశ్లేషకులు చెబుతున్నారు. ఉదయం నుంచి ట్రెండ్స్ రావడం ప్రారంభమవుతాయని, అయితే స్పష్టమైన ఫలితాలు సాయంత్రం తర్వాతే బయటపడే అవకాశం ఉంది.
అయితే ఎగ్జిట్ పోల్స్ మాత్రం ఎన్డీయే కూటమి స్పష్టమైన మెజార్టీతో అధికారంలోకి వస్తుందని తేల్చి చెప్పాయి. మరి బిహార్ రాష్ట్ర భవిష్యత్తును నిర్ణయించే ఈ ఎన్నికల్లో ఏ కూటమి ఆధిక్యంలోకి వస్తుందన్న విషయంపై ప్రజలు, పార్టీలు, నేతలు ఆసక్తిగా ఎదురుచూస్తున్నారు. (ఏజెన్సీలు)
