हैदराबाद: सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन की घेराबंदी योजना के मुताबिक हुई है। आंदोलनकारियों ने पहले ही ट्रेनों से सिकंदराबाद स्टेशन पहुंचने का फैसला किया। आंदोलनकारियों ने कुल दस प्लेटफॉर्म पर ठहरने की योजना बनाई। बस से आने वालों ने सुबह 9 बजे से पहले ही पहुंचने का फैसला किया। योजना के मुताबिक सुबह 9 बजे आंदोलनकारी सिकंदराबाद के मुख्य द्वार से अंदर चले गये।
योजना के मुताबिक प्लेटफॉर्म पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में हड़कंप मचाना शुरू कर दिया। पहले यात्री ट्रेन के इंजनों को घेर लिया गया। इसके बाद इंजनों के आगे वाहनों को खड़ा करके आग लगा दी गई। रेल इंजनों ध्वस्त किया गया। इसके बाद बोगियों को ध्वस्त कर दिया गया। बाद में बोगियों में आग लगा दी गई। इसके बाद वह रेल की पटरी पर खड़ा हो गये और बोगियों पर पथराव कर दिया।

पुलिस ने शुरू में आंदोलकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस की लाठीचार्ज से प्रदर्शनकारी और भड़क गये। स्थिति नियंत्रण में नहीं आते देख रेलवे पुलिस ने फायरिंग की। फायरिंग में वरंगल जिले के खानापुरम मंडल के दबीरपेट गांव निवासी डी राकेश की मौत हो गई। जबकि 12 अन्य घायल हो गये। घायलों में एक अन्य की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी घायलों का गांधी अस्पताल में इलाज जारी है।

फायरिंग की घटना के बाद प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गये। बातचीत करने के लिए पुलिस का बुलावा आया। मगर आंदोलनकारी नहीं गये। यह देख पुलिस ने ऑपरेशन क्लीयर शुरू किया और आंदोलनकारियों को तितर-बितर कर गिरफ्तार कर लिया। रेलवे स्टेशन पर कुल 10 घंटे तक आंदोलन जारी रहा। इस दौरान एमएमटीएस, मेट्रो, बस सेवा और रेल सेवा रोक दी गई। इस समय सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन में शांतिपूर्ण वातावरण है।

दूसरी ओर रेलवे पुलिस ने स्टेशन में हुई हिंसक घटना को लेकर आईपीसी की धारा 143, 147, 324, 307, 435, 427, 448, 336, 332, 341, रेड विद 149 और भारतीय रेलवे अधिनियम 150, 151, 152 के तहत मामला दर्ज किया है। रेलवे एसपी अनुराधा ने कहा कि हमले में कितने लोग शामिल थे, इसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है और संपत्ति के नुकसान का अभी आकलन नहीं किया गया है।
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