28 फरवरी से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है। इस जंग में अब तक भारी मात्रा में जान माल का नुकसान हुआ है। मुख्य रूप से ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई और उनके परिजनों की मौत हो गई इसके बाद बेकसूर 165 मासूम स्कूली बच्चों की मौत हो गई। हाल ही में इजरायली ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए लेबनान में सैकड़ों महिलाओं और बच्चों की बेरहमी से मौत के घाट उतारा। इन हमलों और मौतों को कोई भी नहीं भूल पा रहे हैं। यह स्पष्ट है कि इस जंग के सूत्रधार और दोषी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप है।
अनेक मीडिया में इन दो नेताओं को पागल, सनकी और पागल कुत्ता कह रहे हैं। छोटे-छोटे देशों ने अमेरिका और इजरायल के रवैये की कड़ी निंदा की और कर रहे हैं। खेद की बात है कि भारत मात्र इन हमले मौत पर खामोश है। इस प्रकार की खामोशी अब तक भारत की विदेश नीति नहीं रही है। मीडिया में सवाल किये जा रहे हैं कि इस खामोशी के पीछे क्या मजबूरी है? कुछ मीडिया में विश्लेषक इस खामोशी का कारण भी बता रहे हैं। उनका मानना है कि इस खामोशी के पीछे एपस्टीन फाइल है। इस फाइल में हमारे देश के प्रधानमंत्री समेत बड़े-बड़े नेता और उद्योगपति के नाम हैं। उन्हें डर हैं कि यदि मुंह खोलते है तो उनकी पोल खुल जाएगी।
उपर्युक्त बातों से स्पष्ट होता है कि इस जंग की जड़ एपस्टीन फाइल है। खुलासा हुआ है कि एपस्टीन फाइल में कैसे-कैसे मासूम बच्चियों का अपहरण किया गया और कब-कब और किन-किन नेताओं और उद्योगपतियों ने उनके साथ दुष्कर्म किया। इसके बदले में करोड़ों रुपये का डील कैसे-कैसे किये गये हैं।
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इसी बीच तेलंगाना सरकार के एक प्रस्ताव पर जोरदार चर्चा हो रही है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हाल ही में संपन्न “तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट” में फैसला लिया है कि नगर के कुछ सड़कों का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रतन टाटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और विप्रो जैसी कंपनियों पर रखा जाये।
मुख्य रूप से हैदराबाद में यूएस कॉन्सुलेट जनरल की ओर जाने वाली सड़क का नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू’ रखने का फैसला किया है। यह गाचीबोवली इलाके में है। इसके अलावा ग्रीनफील्ड रेडियल रोड का नाम रतन टाटा के नाम पर रखा जाएगा। गूगल के नाम पर “गूगल स्ट्रीट”, माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर “माइक्रोसॉफ्ट रोड” और विप्रो के नाम पर “विप्रो जंक्शन” रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे हैदराबाद को वर्ल्ड-क्लास टेक हब के तौर पर ब्रांडिंग करने में मदद मिलेगी।
उपर्युक्त दरिंदगी की घटनाओं को देखते हुए विश्लेषकों ने तेलंगाना सरकार को सुझाव है कि ऐसे पागल, सनकी और मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम हैदराबाद के सड़कों पर ना रखा जाये। साथ उनका यह भी सुझाव है कि किसी भी जीवित व्यक्ति का नाम किसी भी सड़क पर ना रखे।
