हैदराबाद : डॉ राधाकृष्णन शिक्षक स्वयं सहायता समूह (RKTSHG) के तत्वावधान में ‘पिलर ऑफ द नेशन अवॉर्ड-2025’ का भव्य आयोजन केंद्रीय हिंदी संस्थान, हैदराबाद में संपन्न हुआ। इस गरिमामय अवसर पर देशभर से चयनित 105 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित किए गए। समूह के संस्थापक डॉ. अजीत कुमार चौहान ने बताया कि हमारा उद्देश्य शिक्षकों को सशक्त बनाना है। हम शिक्षकों के लिए शिक्षकों की सहायता से एक ऐसा संगठन खड़ा करना चाहते हैं, जिसके होने से शिक्षक स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें। संगठन शिक्षकों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर चेन्नई निवासी रत्ना तिवारी (एचओडी) जीटीए विद्या मंदिर नीलांकाई को भी ‘पिलर ऑफ द नेशन अवॉर्ड-2025’ सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि रत्ना तिवासी को पिछले साल भी डॉ राधाकृष्णन शिक्षक स्वयं सहायता समूह की ओर से सम्मानित किया गया था।

रत्ना तिवारी (एचओडी) जीटीए विद्या मंदिर नीलांकाई
समूह के निदेशक भोला सिंह ने बताया कि विगत दिनों हैदराबाद की एक शिक्षिका का दिल का दौरा पड़ने से स्वर्गवास हो गया था। वो एक सिंगल पैरेंट थीं। वो अपने पीछे 17 वर्षीय पुत्र छोड़ गईं। समूह ने उस बच्चे के आर्थिक सहयोग के लिए तुंरत कदम उठाए, जिसका संतोषजनक परिणाम देखने को मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने समूह के सदस्यों को धन्यवाद दिया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध व्याख्याता, आलोचक एवं साहित्यकार प्रो. ऋषभदेव शर्मा तथा सुप्रसिद्ध शिक्षा संसाधक, लेखक एवं कवि डॉ. राजीव कुमार सिंह उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रो. ऋषभदेव शर्मा ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन शिक्षक स्वयं सहायक समूह की संपूर्ण कार्यकारिणी जनसेवा का भाव लिए हुए है। उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि लोकप्रसिद्ध उक्ति है- अखिलेश्वर हैं अवलंबन को। जो अपनी सहायता करता है, ईश्वर भी उसी की सहायता कर पाते हैं। यह संस्था शिक्षकों के संदर्भ में इसी प्रोत्साहन में लगी हुई है। समूह द्वारा किए गए कार्य एक प्रकार से दैवीय कार्यों की श्रेणी में आते हैं। इसके लिए समूह की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने उपस्थित अध्यापक-अध्यापिकाओं से अधिक से अधिक लोगों को इस समूह से जोड़ने का आग्रह किया।


माननीय अतिथि केंद्रीय हिंदी संस्थान, हैदराबाद केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. गंगाधर वानोडे ने केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा किए जा रहे शैक्षिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समूह द्वारा एक मंच पर इतने शिक्षकों को संगठित करना शिक्षा की स्थिति सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाना चाहिए। साथ ही प्रोग्राम मैनेजर संतोष माने और कोषाध्यक्ष प्रमोद पाल सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रक्षा मेहता तथा चंद्रकला जी ने किया। कार्यक्रम में गंगा पचौरी, धनंजय कुशवाहा, डॉ. इंद्रजीत सिंह आदि विशेष सहयोग दिया। संतोष माने द्वारा धन्यवाद प्रकट करने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। ‘पिलर ऑफ द नेशन अवॉर्ड’ की चयन प्रक्रिया में शिक्षण में नवाचार, विद्यार्थियों पर उनके प्रभाव तथा शिक्षण के प्रति उनके समर्पण भाव का गहन आकलन किया गया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
