तेलंगाना में अंतरजातीय और प्रेम विवाह के लिए भी कल्याण लक्ष्मी

हैदराबाद: मंत्री गंगुला कमलाकर ने कहा कि कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक योजनाओं के कार्यान्वयन से तेलंगाना में बाल विवाह को रोका गया हैं। तेलंगाना सरकार ने अंतरजातीय और प्रेम विवाह करने वालों को भी कल्याण लक्ष्मी योजना को लागू करने का फैसला लिया है।

मंत्री ने गुरुवार को विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक की योजनाओं पर सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में यह बात कही। मंत्री ने बताया कि इन दोनों योजनाओं के तहत तेलंगाना में अब तक 10 लाख 26 हजार 396 लोगों को लाभ हुआ है।

बीसी कल्याण विभाग की ओर से 4,87,346 लोग, आदिवासी कल्याण विभाग की ओर से 1,21,639 लोग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से 2,10,676 लोग और अनुसूचित जाति विभाग की ओर से 2,06,735 लोग लाभान्वित हुए हैं। इन योजनाओ के लिए कुल 8,673.67 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि बीसी विभाग की ओर से 4,355 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति विभाग की ओर से 975 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक विभाग की ओर से 1,682 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति विभाग की ओर से 1,660 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक योजना से में बाल विवाह को रोकने में सफल रहे हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है।

मंत्री गांगुली कमलाकर ने कहा कि अंतर्जातीय विवाह और प्रेम विवाह करने वालों के लिए भी कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक योजना लागू होगा। मंत्री ने कहा कि प्रेम विवाह करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए हिम्मत से आवेदन कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि अगर बेटी प्रेम विवाह के बाद घर छोड़कर चली जाती है तो वह पैसा मां को दिया जाएगा। मंत्री गांगुली कमलाकर ने कहा कि कोरोना काल में भी कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक नहीं रुकी है।

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