हैदराबाद : कादम्बिनी क्लब हैदराबाद के तत्वावधान में क्लब की 399वीं मासिक गोष्ठी गूगल मीट के माध्यम से रविवार को संपन्न हुआ। क्लब अध्यक्षा डॉ अहिल्या मिश्र एवं कार्यकारी संयोजिका मीना मुथा ने प्रेस विज्ञप्ति में संयुक्त रूप से बताया कि दिपावली पर्व को केंद्रित करते हुए कवि गोष्ठी सत्र का आयोजन डॉ अहिल्या मिश्र की अध्यक्षता में किया गया। शुभ्रा मोहंतो द्वारा निराला रचित सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
पटल पर मौजूद साहित्य प्रेमी महानुभावों का शब्दकुमुमों से स्वागत करते हुए डॉ मिश्र ने कहा कि संस्था 32वें वर्ष में साहित्यिक – सांस्कृतिक यात्रा में निरंतर गतिमान है। यह संभव तभी हुआ है जब आप सभी का स्नेह-सद्भाव-समर्पण संस्था के साथ जुड़ा हुआ है। दिपावली पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति खुशहाली लाये यही कामना करती हूँ। अवधेश कुमार सिन्हा (नई दिल्ली) ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पंच पर्वों की शृंखला सभी के जीवन में आनंद बरसाएं। संस्था ने तृतीय रविवार की एक लकीर खींच रखी है तो निश्चित ही इस यात्रा के प्रति हम सभी कटिबद्ध हैं।
तत्पश्चात् कवि गोष्ठी का आरंभ हुआ। भावना पुरोहित, लता संघी, सत्यनारायण काकडा, सरिता सुराणा, विनोद गिरि अनोखा, उषा शर्मा, शिल्पी भटनागर, आखिलेश हठीला (भोपाल), दर्शन सिंह, कल्पना झा, डॉ स्वाति गुप्ता, वर्षा शर्मा, अवधेश कुमार सिन्हा, मीना मुथा, गीता अग्रवाल आदि ने काव्यपाठ किया। सरिता सुराणा ने जैन धर्म में दीपावली का महत्व व भ. महावीर निर्वाण दिवस की संक्षिप्त जानकारी से सभी को अवगत कराया।
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साथ ही श्रुतिकांत भारती, किरण सिंह, प्रवीण प्रणव, डॉ संगीता शर्मा, डॉ आशा मिश्रा मुक्ता ने अपनी उपस्थिति प्रदान की व दीपपर्व की शुभकामनाएँ साझा की। डॉ अहिल्या मिश्र ने अध्यक्षीय हीप्पणी में कहा कि सभी की रचनाएं चुनिंदा थीं। गीत, गजल दोहे, मुक्तक, व्यंग्य, हायकू आदि हर रंग को समाहित करती हुई यह काव्य गोष्ठी सजी है। टूटते परिवार एवं संयुक्त परिवार की भूमिका को भी स्पष्ट करते हुए उन्होंने सामाजिक एकता एवं संस्कारों की बातें रखीं। “एक दीया हम सबके नाम, एक दीया सद्भाव के नाम” पंक्तियों से अपनी बात को डॉ मिश्र ने विराम दिया। सत्र का आभार गीता अग्रवाल ने ज्ञापित किया। शिल्पी भटनागर ने तकनीकी सहयोग प्रदान की तथा मीना मुथा ने सत्र का संचालन किया।
