हैदराबाद : अमेरिका की नई ट्रंप सरकार ने 104 भारतीयों को वापस भारत भेज दिया। इसके लिए कारण बताया गया है कि ये लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे थे। बुधवार को अमेरिकी सेना का विमान इन लोगों को लेकर अमृतसर पहुंचा। यह पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में भारतीयों को वापस भेजा गया है।
भारत भेजे गए इन लोगों में पंजाब और हरियाणा के कई युवक शामिल हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस इन्हें उनके घर ले गई। वापस भेजे गए लोगों में से एक जसपाल सिंह ने बताया कि उनके हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीरें डाली गईं थीं। अमृतसर एयरपोर्ट पर आकर ही इन्हें खोला गया।

जसपाल सिंह ने यह भी बताया कि उसे पहले इस बात का पता ही नहीं था कि उसे भारत वापस भेजा जा रहा है। उसे लगा कि किसी और कैंप में ले जा रहे है। बाद में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसे भारत ले जा रहा है। जसपाल सिंह ने यह भी बताया कि एक ट्रैवल एजेंट ने उसे धोखा दिया। एजेंट ने उसे कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का वादा किया था। जसपाल ने एजेंट को कहा था कि उसे सही वीजा मिलने के बाद ही भेजा जाए। लेकिन एजेंट ने उसे धोखा दिया। एजेंट के साथ 30 लाख रुपये में सौदा हुआ था।
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जसपाल सिंह ने बताया कि वह पिछले साल जुलाई में हवाई जहाज से ब्राजील पहुंचा था। उसे वादा किया गया था कि अगला सफर अमेरिका तक भी हवाई जहाज से होगा। लेकिन एजेंट ने उसे धोखा दिया और उसे गैरकानूनी तरीके से सीमा पार करवाया गया। ब्राजील में छह महीने रहने के बाद, उसने अमेरिका की सीमा पार की। लेकिन अमेरिकी बॉर्डर पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे 11 दिन तक हिरासत में रखा गया और फिर वापस भारत भेज दिया गया।
जसपाल के चचेरे भाई जसबीर सिंह ने बताया कि उसे बुधवार सुबह मीडिया के जरिए जसपाल के वापस आने की खबर मिली। जसपाल ने कहा कि वह वापस आने से बहुत निराश है। बहुत सारा पैसा खर्च हो गया। पैसा उधार लिया गया। उसने कहा कि ये सरकारों के मुद्दे हैं। जब हम काम के लिए विदेश जाते हैं, तो हमारे परिवार के बेहतर भविष्य के लिए बड़े सपने होते हैं। जो सपना परिवार वालों ने देखा वह बेकार हो गया। (एजेंसियां)