हैदराबाद : महाराष्ट्र के नागपुर शहर में तनाव व्याप्त है। औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर एक दक्षिणपंथी संगठन के प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाने की अफवाह के बाद मध्य नागपुर में तनाव हो गया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया गया। इस पथराव में चार लोग घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने चिटनिस पार्क और महल इलाकों में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। हिंसा दोपहर बाद कथित तौर पर कोतवाली और गणेशपेठ तक फैल गई।
इसी क्रम में एक चश्मदीद गवाह ने बताया कि कुछ लोग वहां आए। वे अपना चेहरे ढके हुए थे। उनके हाथों में हथियार थे। उन्होंने दुकानों में तोड़फोड़ की। पत्थरें फेंके। कुछ गाड़ियों को भी जला दिया। इलाके में डर का माहौल है।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शांति की अपील की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का सुझाव दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर के कुछ हिस्सों में सोमवार को हुई हिंसा के बीच लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने वीडियो संदेश में कहा कि नागपुर का इतिहास हमेशा से शांति का रहा है। मैं अपने सभी भाइयों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।
अफवाहों पर विश्वास न करें और सड़कों पर न उतरें। गडकरी ने लोगों से कानून-व्यवस्था और सद्भाव की परंपरा को बनाए रखने में प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की। सरकार गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। गडकरी ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्थिति पर नजर रख रहे हैं। (एजेंसियां)
