हैदराबाद : डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं निदान केंद्र (सीडीएफडी) में राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष हिन्दी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्टाफ को राजभाषा हिन्दी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना तथा सरकारी कार्यों में उसकी प्रभावशीलता को बढ़ावा देना है।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. एस. आर. यादव, उप निदेशक (रा.भा.), भाकृअनुप – केंद्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान (सी.आर.आई.डी.ए.) हैदराबाद ने “तकनीकी कायाकल्प संग राजभाषा का कदमताल” पर व्याख्यान दिया। राजभाषा सलाहकार सुश्री वी. संतोषी दीपिका ने कार्यशाला में उपस्थित सभी का स्वागत किया। कार्यशाला में प्रमुख, प्रशासन जी. रवीन्दर भी उपस्थित रहे।
हिन्दी संपर्क अधिकारी बी. येसुदासु ने अपने संबोधन में अनुसंधान संस्थानों में हिन्दी का महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विज्ञान और तकनीक में हिन्दी की भूमिका को संक्षिप्त रूप से समझाया। आज विज्ञान के क्षेत्र में भी हिन्दी में लेखन और संवाद के प्रयास हो रहे हैं। हाल ही में हमारे संस्थान में भी पिछले सप्ताह में हिन्दी में वैज्ञानिक निबंध लेखन का एक प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला न केवल हिन्दी ज्ञान में वृद्धि करेगी, बल्कि हिन्दी में कार्य करने हेतु प्रेरित भी करेगी। उन्होंने सभी उपस्थित स्टाफ को क्विज़ प्रतियोगिता हेतु शुभकामनाएं दी है।
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डॉ. एस. आर. यादव, मुख्य वक्ता ने राजभाषा के कार्यान्वयन में मुख्य कठिनाइयों को दूर करने के संबंध में स्टाफ को समझाया। राजभाषा संबंधी नियमों की जानकारी का अभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कंप्यूटर पर हिंदी में कार्य करने में प्रमुख समस्याएं एवं समाधन पर विस्तृत जानकारी दी है। तकनीकी कायाकल्प मिशन संबंधी उद्देश्य भी अवगत कराए। उन्होंने कुछ व्यावहारिक अभ्यास भी करवाएं जैसा कि अंग्रेजी शब्द का हिंदी पर्याय, हिंदी शब्द का अंग्रेजी पर्याय, संगत जोड़े मिलाकर वाक्य प्रयोग एवं वाक्य प्रयोग में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत एक हिन्दी क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। क्विज़ में प्रतिभागियों की राजभाषा ज्ञान से जुड़ी समझ का परीक्षण किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं को कार्यशाला के समापन में पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सभी प्रतिभागियों के उत्साह और सहभागिता के लिए आयोजकों ने आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की घोषणा की।
यह कार्यशाला न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि हिन्दी के प्रति जागरूकता और प्रेम को भी बढ़ावा देने में सफल रही। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा सलाहकार सुश्री वी. संतोषी दीपिका ने किया।
