हैदराबाद : साहित्य सेवा समिति की 131वीं मासिक गोष्ठी गोष्ठी का सफल आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ दया कृष्ण गोयल व महामंत्री ममता जायसवाल की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में नीमा रवि ने सरस्वती वंदना को प्रस्तुत किया। तदुपरांत हिंदी साहित्यकार और हैदराबाद साहित्य जगत की महान विदुषी स्वर्गीय अहिल्या मिश्रा की श्रद्धा स्मृति में 2 मिनट का मौन रखा गया। डॉक्टर दया कृष्ण गोयल द्वारा साधुवाद ज्ञापित किया गया। दो सत्रों में आयोजित गोष्ठी के प्रथम सत्र विषय चर्चा का प्रारंभ डॉक्टर दया कृष्ण गोयल के स्वागत भाषण से हुआ।
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डॉक्टर अर्चना पांडे ने “दुष्यंत कुमार व राहत इंदौरी की गजलों की विशेषताओं का आंकलन” विषय पर अपने प्रवेशिका उद्बबोधन में कहा कि दुष्यंत कुमार व राहत इंदौरी की गजलों को आम आदमी व पीड़ित जन की वेदना को स्वर देने वाली है। मानव मानव पटल को झिंझोड़ कर कुव्यवस्थाओं पर प्रहार व सुधार की अपेक्षा करने वाली है। गजल रचनाएं विभिन्न उदाहरणों से स्थापित किया। विषय के प्रमुख प्रवक्ता के रूप में सुनीता लूल्ला ने राहत इंदौरी व दुष्यंत कुमार की समीक्षात्मक विवेचना करते हुए दुष्यंत कुमार को अपना प्रिय गजलकार है। अध्यक्ष दया कृष्ण गोयल ने गजल के मूल तत्वों से श्रोतागण को परिचित करवाया तथा दुष्यंत कुमार व राहत इंदौरी के लेखन काल की विविधता व सामयिकता को प्रस्तुत किया।
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रचना चतुर्वेदी व ममता जायसवाल ने भी अपनी अपनी संचालन भूमिका के समय गजल पंक्तियों के उद्बबोधन को रेखांकित किया। रचना चतुर्वेदी के प्रथम सत्र के संचालन के उपरांत ममता जायसवाल ने द्वितीय सत्र काव्य गोष्ठी का संचालन भार वहन किया। श्रुति कांत भारती, गिरधारी लाल गुप्ता, सुषमा सिंह, सरिता दीक्षित, डॉ सुपर्णा मुखर्जी, सी. पी. दायमा, नीमा रवि, उमेश श्रीवास्तव, तृप्ति मिश्रा, डॉ अर्चना पांडे आदि की उपस्थिति में बैजनाथ सुनहरे, दर्शन सिंह, उमेश चंद्र यादव, इंदू सिंह, रचना चतुर्वेदी, रफिया नौशीन, वर्षा, सुनीता लुल्ला ममता जायसवाल डॉ दया कृष्ण गोयल आदि ने प्रमुखता स्वरचित गजलों की प्रस्तुत किया। डॉ दया कृष्ण गोयल के अध्यक्षीय भाषण व ममता जायसवाल के धन्यवाद ज्ञापन से सत्र का समापन किया। कार्यक्रम में उमेश चंद यादव का तकनीकी सहयोग रहा है।
