कादम्बिनी क्लब मासिक गोष्ठी में साहित्यकारों ने लिया विहार यात्रा आनंद, पढ़ेंगे तब ही जान पाएंगे… क्या-क्या हुआ…

हैदराबाद : कादम्बिनी क्लब हैदराबाद के तत्वावधान में रविवार को क्लब की 397 वीं मासिक गोष्ठी का आयोजन महिला दक्षता समिति एज्युकेशनल इंन्टिट्यूशन (चंदानगर) के सभागार में डॉ सरोज बजाज के सौजन्य से संपन्न हुआ। प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए डॉ अहिल्या मिश्र (क्लब अध्यक्षा) एवं मीना मुथा (कार्यकारी संयोजिका) ने बताया कि इस माह की मासिक गोष्ठी विहार यात्रा और काव्य गोष्ठी के रूप में आयोजित की गई।

महिला दक्षता समिति की अध्यक्षा एवं समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में जुझारू कार्यकर्ता सरोज बजाज के निमंत्रण पर कादम्बिनी क्लब… मध्यान्ह 12:30 बजे चन्दानगर स्थित महिला दक्षता समिती द्वारा संचालित नर्सिंग कॉलेज के प्रांगण में पहुंचा। सदस्यों ने सर्व प्रथम महाविद्यालय का सुंदर परिसर, नर्सिंग कॉलेज, पुस्तकालय, गर्ल्स हॉस्टेल आदि का भ्रमण किया। तत्पश्चात सुरुचि भोज का उपास्थित साहित्यकारों ने आनंद लिया।

भोजन के बाद साहित्यिक कार्यक्रम आरंभ हुआ। कार्यक्रम में डॉ अहिल्या मिश्र, डॉ सरोज बजाज, संस्थापक, महिला दक्षता समिति द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान, कार्यक्रम अध्यक्ष और डॉ राधेश्याम शुक्ल, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक भास्वर भारत, मुख्य अतिथि के रूप में मंचासीन हुए। मंचासीन अतिथि गण एवं क्लब सदस्यों के करकमलों से माँ शारदे की छवि पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। शिल्पी भटनागर ने निराला रचित सरस्वती वंदना की सुमधुर प्रस्तुति दी।

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डॉ अहिल्या मिश्र ने स्वागत भाषण में कहा कि डॉ सरोज बजाज से परिचय बहुत पुराना है। वे कादम्बिनी क्लब की संरक्षिका भी हैं। स्त्री शिक्षा हम दोनों की समान विशेषता रही है। आज कादम्बिनी क्लब इनका आतिथ्य पाकर धन्य हो गया है। उन्होंने डॉ राधेश्याम शुक्ल के विषय में भी बताया और कहा कि आज वे मुख्य अतिथि के रूप में यहाँ उपस्थित हुए हैं यह हमारा सौभाग्य है। क्लब 32वें वर्ष की यात्रा में गतिमान है इसका श्रेय सभी सदस्यों को जाता है।

डॉ सरोज बजाज ने अपने उद्‌बोधन में कहा कि डॉ अहिल्या से काफी पुराना परिचय है। हम दोनों नारी शिक्षा के लिए प्रयत्नशील रही हैं। सामाजिक कार्य हेतु गांवों की यात्रा के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों का पिछड़ापन देखकर लगा कि उनके लिए कुछ करना आवश्यक है। अतः उनकी शिक्षा के लिए नर्सिंग कॉलेज की नींव रखी गई। ताकि उन्हें उच्च और तकनीकी शिक्षा प्राप्त हो सके। आज कादम्बिनी क्लब का यहाँ आगमन हुआ इस बात की बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने समाज सेवा और साहित्य सेवा की बातें भी की।

डॉ राधेश्याम शुक्ल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि डॉ अहिल्या और डॉ सरोज दोनों असामान्य कार्य कर रही हैं। नई पीढ़ी से यही कहूँगा कि राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दें। आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान हुई है। हमें इसके स्तर को और ऊंचा करना है। आशिक्षा और अज्ञान को दूर करके संसार को सुंदर बनाना है। उन्होंने प्रकृति पूजा का महत्व बताते हुए कहा कि हमें सद्भाव सदाचार और उत्कर्ष की भावना से कार्य करना चाहिए।

क्लब की ओर से को डॉ सरोज बजाज और राधेश्याम शुक्ल का शाल और माला से सम्मान किया गया। क से कविता की ओर से प्रवीण प्रणव ने डॉ राधेश्याम शुक्ल एवं डॉ सरोज बजाज का शॉल एवं स्मृति चिह्न से सम्मान किया। डॉ सरोज बजाज ने भी महिला दक्षता समिति की ओर से डॉ अहिल्या मिश्र का सम्मान किया।

प्रवीण प्रणव एवं डॉ आशा मिश्र ‘मुक्ता’ (संपादक, पुष्पक साहित्यिकी) ने पुष्पक की प्रति डॉ बजाज और डॉ शुक्ल को भेंट की। तत्पश्चात् अनुवादक जी परमेश्वर को भी मंच पर आमंत्रित किया गया और उनके सानिध्य में काव्य गोष्ठी प्रारम्भ की गई। सभी उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी श्रेष्ठतम रचनाओं की प्रस्तुती दी।

गीता अग्रवाल, के. पी. अग्रवाल, डॉ मुमताज़ सुल्ताना, नीतीश पांडे, नितेश सागर, हर्षलता दुधोडिया, सुनीता लुल्ला, दर्शन सिंह, स्वाती गुप्ता, शिल्पी भटनागर, आर्या झा, डॉ अनीता, डॉ कृष्णा सिंह, सरिता दीक्षित, डॉ सुषमा देवी, राजकुमार यादव, पुरुषोत्तम कडेल, प्रियंका पांडे, विनोदगिरी अनोखा, सत्यनारायण काकड़ा, शकुंतला मिश्र, प्रवीण प्रणव, डॉ आशा मिश्र मुक्ता, जी परमेश्वर, मीना मुथा और डॉ अहिल्या मिश्र ने काव्यपाठ किया। राष्ट्रीय स्वर के साथ साथ, सावन की फुहारों से भी रसान्वित कविताएँ पढ़ी गयी। डॉ अनीता मिश्र, हर्षलाता कडेल, सौरभ भटनागर, प्रदीप गुप्ता, अमित कुमार झा एवं और कॉलेज के हिंदी विभाग की छात्राओं की श्रोता के रूप में उपस्थिति रहीं। डॉ शुक्ल ने कवियों की रचनाओं की सराहना की और उन्हें शुभकामना दी।

प्रवीण प्रणव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि रूबरू गोष्ठी का आनंद हम सभी को लेखन की ओर प्रेरित करता है। डॉ सरोज बजाज और उनके आतिथ्य को हम भूल नहीं पाएंगे। डॉ शुक्ल जी के आशीष हमें सतत् कदम दर कदम आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे। मीना मुथा ने कार्यक्रम का सफल और सुंदर संचालन किया। नर्सिंग कॉलेज की तरफ़ से सभी को उपहार स्वरूप पौंधे भेंट किए गए।

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