हैदराबाद : उत्तर प्रदेश के जफराबाद थाना क्षेत्र में अम्बेश कुमार ने माता-पिता की निर्ममता से हत्या कर दी। अम्बेश कुमार (37) अपने परिवार का इकलौता बेटा है। बीटेक करने के बाद कोलकाता में क्वालिटी इंजीनियर पद पर काम कर रहा था।
इस दौरान उसकी मुलाकात मुस्लिम समुदाय की सहजिया से हुई वह कोलकाता में ब्यूटी पार्लर चलाती है। दोनों में प्यार हो गया। उन्होंने लॉकडाउन में प्रेम विवाह कर लिया। दोनों से दो बच्चे भी हैं। इनमें बेटी चार साल तो बेटा डेढ़ साल का है। इस विवाह कोर परिवार के लोग विरोध किये। इस बात लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक परिवार के लोग अम्बेश पर तलाक लेने का दबाव बना रहे थे। इसी दबाव में आकर वह भी तलाक देने को तैयार हो गया। हालांकि परिवार के लोग उसे पत्नी की ओर से किए जा रहे पांच लाख रुपये देने को तैयार नहीं थे।

ऐसे में अंबेश परेशान हो गया था। वह अधिकतर समय कोलकाता में ही रहने लगा। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक शादी के बाद अम्बेश का व्यवहार मां बबिता, पिता श्याम बहादुर और परिवार के प्रति पूरी तरह से बदल गया। वह जब भी घर आता तो रुपये और प्रापर्टी को लेकर माता-पिता से अक्सर झगड़ा करता था। माता-पिता की हत्या के बाद अम्बेश कुमार ने माता-पिता के लापता होने की जानकारी दी थी। खुद माता-पिता के खोजबीन करने निकलने की बात कहीं। वह माता-पिता को खोजने का नाटक करता रहा। उधर, वाराणसी सिंधौरा थाना क्षेत्र के कटौना निवासी बहन वंदना ने 13 दिसंबर को जफराबाद थाने में माता-पिता और इकलौते भाई के गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की।

खोजबीन में जुटी पुलिस को पता चला कि अम्बेश कुमार 12 दिसंबर को खरगसेनपुर गया था। इससे पुलिस का शक गहराने लगा। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो माता-पिता के हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आ गई। पुलिस ने बताया कि जौनपुर जिले के जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव निवासी अम्बेश कुमार (37) ने 8 दिसंबर की रात सिलबट्टे से हमला कर अपनी मां बबिता (60) और पिता श्यामलाल (62) की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने माता-पिता के शरीर को आरी से तीन-तीन टुकड़ों में काटा और नदी में फेंक दिया। (एजेंसियां)
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తల్లిదండ్రులను ముక్కలు ముక్కలుగా నరికి నదిలో వేశాడు
హైదరాబాద్ : ఉత్తరప్రదేశ్ లో దారుణం జరిగింది. కట్టుకున్న భార్య కోసం ఓ వ్యక్తి తన తల్లిదండ్రులను అత్యంత కిరాతకంగా హత్య చేశాడు. వారి మృతదేహాలను ముక్కలు ముక్కలుగా కోసి నదిలో పడేశాడు.
భార్యాభర్తలైన శ్యామ్ బహదూర్ (62), బబిత (60) జౌన్ పూర్ లో నివసిస్తున్నారు. ఈ దంపతులకు ముగ్గురు కూతుళ్లు, ఒక కొడుకు అంబేశ్ ఉన్నారు. ఐదేండ్ల క్రితం అంబేశ్ ఓ ముస్లిం అమ్మాయిని పెండ్లి చేసుకున్నాడు. శ్యామ్, బబిత ఆమెను కోడలిగా అంగీకరించలేకపోయారు. ఇద్దరు పిల్లలు పుట్టిన తర్వాత కూడా ఇంటికి రానివ్వలేదు. దీనిపై తరచుగా గొడవలు జరిగేవి. దీంతో అంబేశ్ దంపతులు విడిపోవడానికి ఒప్పుకున్నారు. అయితే, భార్య ఐదు లక్షలు భరణం అడిగింది. అతడి దగ్గర అంత డబ్బు లేకపోవడంతో విడాకుల కోసం డబ్బులు కావాలని తల్లిదండ్రులను అడిగాడు. వారు ఒప్పుకోలేదు.
దీంతో అంబేశ్ ఆగ్రహానికి గురై డిసెంబర్ 8న రుబ్బు రోలుతో కొట్టి తల్లిదండ్రులను చంపేశాడు. అనంతరం తల్లిదండ్రుల మృతదేహాలను రంపంతో ఆరు ముక్కలుగా కోసి సంచిలో వేశాడు. 9వ తేదీ తెల్లవారుజామున వాటిని తీసుకెళ్లి దగ్గరలోని నదిలో పడేశాడు. ఈ క్రమంలోనే తన సోదరి వందనకు ఫోన్ చేసి తల్లిదండ్రులు గొడవ పెట్టుకుని ఇంట్లో నుంచి వెళ్లిపోయారని చెప్పాడు. కానీ, తర్వాత తోబుట్టువులతో పాటు స్థానికులు అనుమానంతో పోలీసులను పిలిపించారు. చివరకు తానే హత్య చేసినట్టు అతడు విచారణలో ఒప్పుకున్నాడు. (ఏజెన్సీలు)
