जुबली हिल्स उपचुनाव पर मंडराते ‘खून’ के बादल, मागंटी गोपीनाथ की मौत पर मां ने कराई थाने में शिकायत दर्ज

हैदराबाद : मागंटी गोपीनाथ की मां महानंदा कुमारी ने रायदुर्गम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने बेटे गोपीनाथ की मौत की जांच की मांग की है। मालूम हो कि मागंटी गोपीनाथ की मौत को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। उनकी मां द्वारा लगाए गए आरोपों से हड़कंप मच गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे बेटे की मौत एक रहस्य बन गई है। केटीआर को ही बताना चाहिए कि क्या हुआ।”

इसके साथ ही, वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री बंडी संजय ने गोपीनाथ की मौत की पूरी जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यह भी घोषणा की कि अगर बंडी संजय केंद्रीय मंत्री के तौर पर उन्हें पत्र लिखते हैं तो वह जांच कराने के लिए तैयार हैं।

हालांकि, गोपीनाथ की मां की टिप्पणियों पर पूर्व मंत्री केटीआर या बीआरएस के अन्य किसी भी मुख्य नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने से बहस छिड़ गई है। दो दिन पहले मागंटी गोपीनाथ की माँ मीडिया के सामने फूट-फूट कर रो पड़ीं और कहा कि उनके बेटे की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि एक रहस्य है और उन्हें नहीं पता कि उसकी मौत कैसे हुई।

महानंदा ने कहा कि उन्हें इस बारे में तब पता चला जब दूसरों ने उन्हें बताया कि उनका बेटा तीन दिनों से अस्पताल के आईसीयू में है। जब वह अपने बेटे को देखने के लिए अस्पताल गई तो अंदर जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अंदर जाने के लिए कितनी भी मिन्नतें कीं, मगर उन्हें अस्पताल के अंदर जाने नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा, “जब केटीआर आए, तो मैं उनके पास गई और उन्हें बताया कि उन्हें मेरे बेटे को देखने की अनुमति नहीं दी जा रही है, तो उन्होंने इसकी ज़रा भी परवाह नहीं की। केटीआर के आकर जाने के बाद ही गोपीनाथ की मौत की खबरआई है। केवल केटीआर ही बता सकते हैं कि इसके पीछे क्या हुआ।”

“मेरे बेटे की मृत्यु के समय वह 63 वर्ष के थे। मैं 92 वर्ष की हूं। हालाँकि मैं तीन दिनों तक अपने बेटे को देखने के बहुत कोशिश की, फिर भी उन्होंने मुझे अंदर नहीं जाने दिया।” उनके इस आरोप के चलते राजनीतिक हलकों में गरमागरम मुद्दा बन गए हैं। जैसे-जैसे जुबली हिल्स में मतदान की तारीख नज़दीक आ रही है। यह मुद्दा राजनीतिक पार्टियों के हाथों में एक शक्तिशाली हथियार बन गया है।

गौरतलब है कि भारत राष्ट्र समिति के जुबली हिल्स विधायक मागंटी गोपीनाथ (62) का गच्चीबावली स्थित एआईजी अस्पताल में कार्डियाक अरेस्ट होने के बाद गंभीर हालत में इलाज के दौरान 9 जून को सुबह निधन हो गया। वे अपने पीछे पत्नी, पुत्र व 2 पुत्रियाँ छोड़ गए। मागंटी गोपीनाथ पिछले एक महीने से किडनी की समस्या से पीड़ित थे। इलाज के बाद हालत में कुछ सुधार आया था। गत 5 जून को अचानक कार्डियाक अरेस्ट होने के रात 2.56 बजे के करीब उन्हें नगर के गच्चीबावली स्थित एआईजी अस्पपताल में भर्ती कराया गया।

हालत गंभीर होने के चलते उन्हें आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया था। सुबह 5.45 बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पूर्व मुख्यमंत्री व भारास अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव समेत प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त की। माधापुर डॉक्टर्स कॉलोनी स्थित मागंटी गोपीनाथ के निवास से अंतिम यात्रा प्रारंभ होकर माधापुर, जुबली हिल्स चेकपोस्ट, फिल्मनगर से होती हुई जुबली हिल्स स्थित महाप्रस्थानम श्मशान वाटिका पहुंची, जहां उनका अंतिम संस्कार तेलंगाना सरकार द्वारा राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

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హైదరాబాద్: రాయదుర్గం పోలీస్ స్టేషన్లో మాగంటి గోపీనాథ్ తల్లి మహానంద కుమారీ ఫిర్యాదు చేశారు. మాగంటి గోపీనాథ్ మృతిపై విచారణ చేయాలని ఆమె తన ఫిర్యాదులో పేర్కొన్నారు. మాగంటి గోపీనాథ్ మరణం చుట్టూ రాజకీయ దుమారం చెలరేగుతున్న సంగతి తెలిసిందే. ఆయన తల్లి చేసిన ఆరోపణలు కలకలం రేపుతున్నాయి. “నా కొడుకు మరణాన్ని మిస్టరీగా మార్చారు. ఏం జరిగిందో కేటీఆరే చెప్పాలి” అని ఆమె ఆవేదన వ్యక్తం చేశారు.

దీంతో గోపీనాథ్​మరణంపై పూర్తిస్థాయి విచారణ జరిపించాలని బీజేపీ సీనియర్ నేత, కేంద్ర మంత్రి బండి సంజయ్ డిమాండ్​ చేశారు. కేంద్ర మంత్రి హోదాలో బండి సంజయ్ తనకు లేఖ రాస్తే విచారణ జరిపించేందుకు సిద్ధమని సీఎం రేవంత్ రెడ్డి కూడా ప్రకటించారు.

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తన కొడుకు ఆస్పత్రిలో మూడు రోజులు ఐసీయూలో ఉన్నాడనే విషయం ఇతరులు చెప్తేనే తనకు తెలిసిందని, అంతేకాకుండా.. ఆస్పత్రికి వెళ్తే కన్నతల్లి అయిన తనను కొడుకు వద్దకు వెళ్లనీయకుండా అడ్డుకున్నారని ఆమె ఆవేదన వ్యక్తం చేశారు. ఎన్నిమార్లు ప్రాధేయపడినా వెళ్లనీయలేదన్నారు. “ఒకసారి కేటీఆర్ కన్పిస్తే ఆయన దగ్గరకు వెళ్లి, నా కొడుకును చూడనియ్యటంలేదని చెప్తే ఆయన కనీసం పట్టించుకోలేదు. కేటీఆర్ వచ్చి వెళ్లాక గోపీనాథ్​ మరణ వార్తను ప్రకటించారు.. దీని వెనుక ఏం జరిగిందో కేటీఆర్ మాత్రమే చెప్పాలి” అని మాగంటి గోపినాథ్ తల్లి డిమాండ్ చేశారు.

“నా కొడుకు చనిపోయేటప్పుడు అతనికి 63 ఏండ్లు. నాకు 92 ఏండ్లు.. మూడు రోజులు నా కొడుకు చూపు కోసం పరితపించినా నన్ను లోనికి రానివ్వలేదు” అని తెలిపారు. ఆమె ఈ ఆరోపణలు చేయడం రాజకీయ వర్గాల్లో హాట్ టాపిక్‌‌గా మారింది. జూబ్లీహిల్స్ పోలింగ్ తేదీ దగ్గరపడ్తున్న వేళ ఈ అంశం పార్టీల చేతికి బలమైన అస్త్రంలా మారింది. (ఏజెన్సీలు)

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