हैदराबाद: दादी का रिश्ता मां जैसा ही होता है। अर्थात दादी मां जैसी आत्मीयता देने वाली होती है। वह मां की जगह लेती है और हमारे बारे में सोचती है। लेकिन यहां सब कुछ उल्टा हुआ है। केवल उल्टा ही नहीं, बल्कि अनहोनी हो गई। इस दादी ने मां की जगह नहीं बल्कि पत्नी की जगह भर्ती कर दी है।
जी हां, आपने सही पढ़ा है। हरियाणा में एक 21 साल के पोते ने 65 साल की दादी से शादी कर ली। मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित खबरों के अनुसार, पति की मौत के बाद सुल्ताना खातून अकेली रह रही थी। उनका पोता इरफान उसे यानी दादी को सहारा देने आया। दादा की मौत के वक्त उसने दादी को भावनात्मक रूप से सहारा दिया। हालांकि, कुछ समय गुरज जाने के बाद यह रिश्ता रोमांटिक में बदल गया।
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यह इतना रोमांटिक में बदल गया कि दोनों एक-दूसरे को देखे और छोड़े बिना एक पल भी नहीं रह पाते थे। दोनों में इतना घनिष्ट संबंध हो गया कि दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। समाज ने इसका विरोध भी किया। इसके बावजूद दोनों ने शादी कर ली और एक बंधन में बंध गए। इसी बीच इस शादी की आलोचना भी हो रही है। आलोचक कह रहे है कि हमारा समाज किस ओर जा रहा है!
అమ్మమ్మను పెళ్లి చేసుకున్న మనవడు, తాత పోయాక జరిగింది ఈ కథ…
హైదరాబాద్ : అమ్మమ్మ అంటే అమ్మ లాంటి ఆత్మీయతను పంచుతుంది. అమ్మ స్థానంలో ఉండి మన గురించి ఆలోచిస్తుంది. కానీ ఇక్కడ సీన్ రివర్స్ అయింది. ఈ అమ్మమ్మ.. అమ్మ స్థానం కాదు భార్య స్థానాన్ని భర్తీ చేసింది.
అవును హర్యానాలో 21ఏళ్ల మనవడు 65ఏళ్ల అమ్మమ్మను పెళ్లి చేసుకున్నాడు. భర్త పోయాక సుల్తానా ఖటూన్ ఒంటరిగా ఉండటంతో.. తనకు మద్దతిచ్చేందుకు వచ్చాడు మనవడు ఇర్ఫాన్. తాతపోయిన టైమ్లో ఎమోషనల్ సపోర్ట్ అందించాడు. అయితే అది కాస్త కొన్నాళ్లకు రొమాంటిక్గా మారింది.
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ఇద్దరు ఒకరిని విడిచి మరొకరు ఉండలేనంత బలంగా అయిపోయింది. దీంతో వారు పెళ్లి చేసుకోవాలని నిర్ణయించుకున్నారు. కమ్యూనిటీ వ్యతిరేకించినా ఒక్కటయ్యారు. కాగా ఈ విషయంపై విమర్శలు వెల్లువెత్తుతున్నాయి. సమాజం ఎటుపోతుందనే ఆందోళన వ్యక్తమవుతోంది. (ఏజెన్సీలు)
