हैदराबाद : साहित्य गरिमा पुरस्कार 2025 हेतु कार्यकारिणी की बैठक गूगल मीट के माध्यम से 3 फ़रवरी को समिति के परामर्श दाता अवधेश कुमार सिन्हा (नई दिल्ली) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए प्रवीण प्रणव (उपाध्यक्ष) एवं मोहित (महासचिव) ने आगे बताया कि बैठक का आरंभ साहित्य गरिमा पुरस्कार की संस्थापिका स्वर्गीय डॉ अहिल्या मिश्र को पटल पर उपस्थित सदस्यों द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देकर किया गया।
बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए प्रवीण प्रणव ने कहा कि विगत 2024 एवं 2025 में पुरस्कार समारोह फ़रवरी माह में तृतीय रविवार को आयोजित हुए थे परंतु इस वर्ष यह कार्यक्रम रविवार दिनांक 15 मार्च 2026 को संपन्न होगा। सभी के साथ और सहयोग की अपेक्षा इस वर्ष भी रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि आदरणीय अहिल्या मिश्र के निधन को हम पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर पाए हैं लेकिन डॉक्टर अहिल्या मिश्र ने अस्वस्थ होने के बावजूद भी साहित्य गरिमा पुरस्कार की प्राथमिक तैयारियां आरंभ कर दी थीं। साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति, ऑथर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया, हैदराबाद चैप्टर एवं कादम्बिनी क्लब हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हालांकि, इस बार साहित्य गरिमा पुरस्कार का नाम बदलकर डॉ अहिल्या मिश्र स्मृति सम्मान पुरस्कार किया गया है।

इसी क्रम में 15वाँ डॉ अहिल्या मिश्र स्मृति सम्मान पुरस्कार इस बार भी अहिन्दी भाषी महिला साहित्यकार को हिंदी में काव्य विधा पर दिया जाएगा। गौरतलब है कि विगत दो वर्षों से साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति के अंतर्गत विभिन्न विधाओं पर 9 अन्य पुरस्कार भी दिए जा रहे थे जिनके नाम “सिया सहचरी काव्य सम्मान”, “महाशहस्त्रावधानी गरिकिपाटि डॉ नरसिम्हा राव हिंदी अनुवादक पुरस्कार”, “महाशहस्त्रावधानी गरिकिपाटि डॉ नरसिम्हा राव तेलुगू अनुवादक पुरस्कार”,श्रीमती शांति अग्रवाल कहानी/उपन्यास लेखन पुरस्कार”, “श्री आचार्य कृष्णदत्त हिंदी साहित्य व्यंग्य/लघुकथा लेखन पुरस्कार”, “सृजनात्मक तकनीक हिंदी सम्मान”, “चम्पाई माधव कदम हिंदी लेखन पुरस्कार”, “कादम्बिनी क्लब हिंदी गौरव सम्मान” एवं शुभ्रा “मोहंतो संगीत साधना पुरस्कार हैं। इस वर्ष इन पुरस्कारों की सूची में एक और पुरस्कार शामिल किया गया है जिसका नाम “रामकिशोरी स्मृति सम्मान” है और यह कथेतर साहित्य लेखन हेतु दिया जाएगा।
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प्रस्तुत पुरस्कारों हेतु 150 से अधिक प्रतिभागियों की प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं जिन्हें निर्णायक मंडल को भेजा जा चुका है। जल्द ही निर्णायकों के निर्णय भी आ जाएँगे। 15 मार्च को आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह हेतु स्थान की सूचना भी जल्द ही दी जाएगी। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में पुरस्कार सम्मान और द्वितीय सत्र में पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। तत्पश्चात् बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।
प्रवीण प्रणव ने बताया कि इन पुरस्कारों हेतु एक ट्रस्ट का निर्माण किया जा रहा है जिसपर कार्य शुरू हो चुका है और इसकी ज़िम्मेदारी कोषाध्यक्ष डॉक्टर आशा मिश्रा एवं मानवेन्द्र मिश्र संभाल रहे हैं। अवधेश कुमार सिन्हा ने कहा कि अभी भी हम सभी डॉक्टर अहिल्या जी की अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना से साहित्य जगत सदमे में है। हम डॉ अहिल्या मिश्र के वारिश हैं और हमें उनके सपनों को उसी तरह मेहनत और जुनून के साथ पूर्ण करना है। अगली बैठक में विभिन्न कार्यकारिणी सदस्यों एवं साथियों को समारोह संबंधी विभिन्न ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी।
बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि प्रस्तुत पुरस्कार समिति के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण प्रणव को बनाया जाए। अवधेश कुमार सिन्हा ने कहा कि कि प्रवीण प्रणव डॉ अहिल्या मिश्र के सतत् संपर्क में रहें और संस्था के लिए कार्य करते रहे हैं। कई भविष्यकालीन योजनाएं अहिल्या जी ने उनसे साझा की हैं। अतः इस पद के लिए वे उपयुक्त हैं। उन्होंने पटल पर उपस्थित सदस्यों से अपनी राय माँगी और सर्व सम्मति से प्रवीण प्रणव को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। समिति की उपाध्यक्ष मीना मुथा ने कहा कि जिस कर्मठता से आदरणीय अहिल्या मिश्र प्रत्येक कार्य को सुपरिणाम देते हुए सफलता की मंजिल पर ले जाती थीं उसी जज़्बे के साथ उनके कार्यों को पूरा संगठन साथ मिलकर आगे बढ़ायेंगे।
बैठक में अवधेश कुमार सिन्हा, प्रवीण प्रणव, मीना मुथा, प्रो शुभदा वांजपे (निर्णायक मंडल सदस्य), मोहित (महासचिव), डॉ आशा मिश्र ‘मुक्ता’ (कोषाध्यक्ष), के राजन्ना (मीडिया प्रभारी), कार्यकारिणी सदस्य शिल्पी भटनागर, मोहिनी गुप्ता, भावना पुरोहित, डॉ जी नीरजा और सीताराम माने उपस्थित हुए। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुआ।
