हैदराबाद : अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत हो रही है। अमेरिका की ओर से ईरान के साथ होने वाले युद्धविराम समझौता पर बातचीत की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करे रहे हैं। उनके साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर हैं।
ईरानी डेलीगेशन का नेतृत्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी डेलीगेशन में हैं। ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई में 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ है। इसके बाद पाकिस्तान की मध्यस्था में ये वार्ता हो रही है।
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की सफलता को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए जरूरी बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी प्लान बी की गुंजाइश नहीं है और प्लान ए यानी शांति को हर हाल में सफल होना चाहिए क्योंकि यह दुनिया के लिए बहुत जरूरी है।
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हालांकि, इजरायल का प्रतिनिधि मंडल शामिल नहीं है। गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफाइर की घोषणा की थी। ईरान ने इसे मान भी लिया था। लेकिन इजरायल ने लेबनान पर अंधाधूंध मिसाइले दागी। इसमें लगभग 500 लोग मारे गये। इसमें महिला और बच्चे अधिक थे।
पाकिस्तान के अखबार डॉन ने बताया है कि ईरान और अमेरिका में आमने-सामने की बातचीत खत्म होने के बाद प्रतिनिधिमंडलों ने लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया है। डॉन के विदेश मामलों के संवाददाता के अनुसार, आमने-सामने की बातचीत के बाद प्रतिनिधिमंडलों की विशेषज्ञ टीमों ने चर्चा के विषयों पर लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया है।
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सबसे संतोषजनक बात यह है कि सभी नेताओं के बीच मिलकर वर्किंग डिनर हुआ है। अब तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है। रविवार को भी यह वार्ता होने की संभावना है। इसके बाद ही सयुंक्त बयान जारी किया जाएगा।
