हैदराबाद : अफगानिस्तान में उठा तालिबान संकट हैदराबाद के बिरयानी प्रेमियों पर पड़ा है। अफगानिस्तान से मसालों का आयात ठप हो गया है। इसके चलते बिरयानी की कीमतें आसमान को छू रही हैं। जुलाई के मुकाबले अगस्त में बिरयानी के दाम काफी बढ़े हैं। बिरयानी निर्माताओं का मानना है कि अफगानिस्तान से मसालों का आयात ठप हो जाने के कारण बिरयानी के दाम बढ़ाना अनिवार्य हो गया है।
पिछले महीने सजीरा बिरयानी 380 रुपये किलो था, जो अब 600 रुपये हो गया है। अंजीर बिरयानी 650 रुपये से बढ़कर 1,400 रुपये, ब्लॉक अफ्रिकाट्स 300 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये और ग्रीन अफ्रिकॉट्स बिरयानी 300 रुपये से बढ़कर 750 रुपये हो गया है।
हैदराबाद में बनाये जाने वाली बिरयानी में ज्यादातर मसाले अफगानिस्तान से आयात किये जाते हैं। अधिकांश अफगान व्यापारी हैदराबाद में रहते हैं और मसालों का व्यापार करते हैं। अब जबकि तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है। इसके चलते मसालों का आयात लगभग ठप हो गया है। परिणास्वरूप रेस्टोरेंट के मालिकों ने भी बिरयानी की कीमतों में 100 रुपये से अधिक की बढ़ोत्तरी कर दी है।
हैदराबाद में पिछले दिनों एक बिरयानी प्लेट की कीमत 250 रुपये के आसपास हुआ करती थी। अब बिरयानी प्लेट की कीमत 350 रुपये हो गई है। एक महीने पहले जंबो पैक की कीमत 600 रुपये थी। रेस्टोरेंट के हिसाब से जंबो की कीमत 700-800 रुपए हो गई है। बिरयानी के एक फैमिली पैक की कीमत 400 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये कर दी गई है। जोमैटो, स्विगी आदि ऐप से ऑर्डर करने वालों के लिए डिलीवरी चार्ज और अन्य टैक्स भी जोड़े जाते हैं।
यह वर्षा का समय है। हर कोई बिरयनी खाना पसंद करता है। बढ़ते दामों के कारण बिरयानी के दीवानों को गर्मागर्म बिरयानी खाने को लेकर सोचने पर मजबूर कर रहा है।
