सुप्रसिद्ध साहित्यकार, समाजसेवी डॉ अहिल्या मिश्र महिला जीवन मंडल (प्रशासिका), कदंबिनी क्लब हैदराबाद (संस्थापक अध्यक्ष), साहित्य गरिमा पुरस्कार (संस्थापिका), आथर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया हैदराबाद चैप्टर की अध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब एवं अंतर्राष्ट्रीय मानव मिलन (परामर्शदाता) तथा सरकारी पदों से भी वे संलग्न रही। इतना ही नहीं एक प्रखर वक्ता, स्पष्टवक्ता, झूझारू व्यक्तित्व, स्त्री शिक्षा की प्रणेता, ममत्व का झरना भी उनमें सदा बहता रहा है। हिंदी के प्रति प्रेम और भारतीय संस्कारों को और परंपराओं के प्रति वे सदा दक्ष रहीं हैं। कईं मान-सम्मानों से विभूषित डॉ अहिल्या मिश्र अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गयी।
हैदराबाद : नगरद्वय एवं देश-विदेश में भी ख्याति प्राप्त सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् समाजसेवी, प्रभावी व्यक्तित्व एवं कृतित्व की धनी अहिल्या मिश्र का 25 दिसंबर को प्रातः कालीन बेला में निधन हुआ। इस समाचार से साहित्यिक शैक्षणिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। इस अपूरणीय क्षति पर 27 दिसंबर को मथुरा निगर स्थित उनके निवास ‘शांडिल्य सात्रम’ मथुरा नगर, अमीरपेट में दोपहर को एक शोकसभा आयोजित किया गया। सभा में उपस्थित वक्ताओं ने अपना गहरा शोक प्रकट किया।

मुख्य रूप से हैदराबाद-सिकंदराबाद मारवाड़ी महिला संघ, आचार्य आनंद साहित्य निधि (चुनाव समिति सदस्य), भाग्यनगर कावड़ सेवा संघ, बिहार असोसिएशन एवं विभिन्न संस्थाओं और मंडलों के पदाधिकारियों ने अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। इनके अलावा प्रोफेसर ऋषभदेव शर्मा, रूबी मिश्रा, शांति अग्रवाल, मधु भटनागर, पुरुषोत्तम कड़ेल, प्रवीण पांड्या, अतुल कुमार, सुरेंद्र मिश्र, शकुंतला राठी आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान सभी ने उनके साथ बिताये पल और सेवाओं को अश्रू नयनों से याद किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी के आंखें नम हो गई।

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शोकसभा में तारा कीमती, वीणा लोया, शोभा काबरा, डॉ आशा सिवसरा, इंदिरा इंदानी, आरती पुरोहित, सुनीता मुथा, संगीता मुथा, पूनम जोधपुरी, डॉ सुरभि दत्त, सीमा अग्रवाल, के. राजन्ना आदि गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहीं। मिश्र परिवार की ओर से सुपुत्र मानवेंद्र, पुत्रवधु डॉ आशा मुक्ता, पोता-पोती एवं अन्य करिबियों ने भाव व्यक्त किये एवं उपस्थित मान्यवरों के प्रति आभार जताया। मीना मुथा ने शोक सभा का संचालन किया।
