हैदराबाद: नीति आयोग ने रविवार को को होने वाली अपनी संचालन परिषद की बैठक का बहिष्कार करने पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ( K Chandrasekhar Rao) के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। नीति आयोग ने केसीआर की तरफ से बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा के बाद शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री की तरफ से लगाये गये सभी आरोपों को वह खारिज करता है।
नीति आयोग ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त को होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग नहीं लेने का फैसला किया है गवर्निंग काउंसिल एक ऐसा मंच है जहां केंद्र और राज्य स्तर पर देश में सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व प्रमुख विकास संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श करता है। साथ ही राष्ट्रीय विकास के लिए उपयुक्त परिणामोन्मुख समाधानों पर सहमत होता है।
नीति आयोग ने कहा, ”तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री की तरफ से लगाया गया यह आरोप पूरी तरह से निराधार और गलत है कि इस बैठक का एजेंडा तय करते समय राज्यों के साथ विचार-विमर्श नहीं किया गया है। राज्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए पहले ही कई कदम उठाए गए हैं।”
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नीति आयोग ने आगे कहा कि हाल ही में उसकी तरफ से बैठक के लिए किये गये अनुरोधों के बावजूद मुख्यमंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके पहले आयोग के उपाध्यक्ष की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जनवरी 2021 में विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की थी।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग की संचालन परिषद की होने वाली सातवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में फसल विविधीकरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के उप राज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे। नीति आयोग के अध्यक्ष होने के नाते प्रधानमंत्री इस परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
गौरतलब है कि तेलंगाना के सीएम केसीआर ने इस बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए शनिवार को कहा कि राज्यों के साथ केंद्र सरकार के मौजूदा भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में वह इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। राव ने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा कि भारत एक सशक्त देश के रूप में तभी सामने आ सकता है जब राज्यों की प्रगति हो। उन्होंने कहा कि मजबूत एवं आर्थिक रूप से गतिशील राज्य ही भारत को एक सशक्त देश बना सकते हैं।
नीति आयोग ने शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया था कि यह बैठक स्थिर, टिकाऊ और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में केंद्र और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सहयोग और सहकार के एक नए युग की दिशा में तालमेल का रास्ता खोलेगी। बयान के मुताबिक इस बैठक में जी-20 मंच पर प्रगति को रेखांकित करने में राज्यों की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। वैसे तो इस परिषद की बैठक हर साल होती है। पिछले साल यह बैठक 20 फरवरी को हुई थी। उस बैठक में पश्चिम बंगाल, पंजाब, तेलंगाना और गुजरात के मु्ख्यमंत्री बैठक में भाग नहीं लिये थे। (एजेंसियां)
