“AI in Education and Research” पर प्रोफेसर राजशेखर बेल्लंकोंडा का महत्वपूर्ण संबोधन
हैदराबाद : 3 जून को आरबीवीआरआर वीमेंस कॉलेज, हैदराबाद में “AI Tools for Education and Research” विषय पर एक सप्ताह तक चलने वाले फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का भव्य शुभारंभ हुआ। आज यहाँ जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में रेड्डी कॉलेज हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. गायत्री ने बताया है कि इस कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के IQAC विभाग और Me@AI India Initiative के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रोफेसर राजशेखर बेल्लमकोंडा (प्रो-वाइस चांसलर, हैदराबाद विश्वविद्यालय) ने शिक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों और शोधकर्ताओं को एआई आधारित टूल्स के उपयुक्त उपयोग के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

मुख्य रूप से छात्रों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिगत शिक्षण प्रदान करने में एआई का उपयोग बढ़ाना चाहिए। इनमें (1) कक्षा में प्रभावी शिक्षण के लिए एआई आधारित बुनियादी टूल्स के प्रयोग से शिक्षकों का कार्यभार कम हो सकता है। (2) सामग्री निर्माण, मूल्यांकन प्रक्रियाएँ और शोध डेटा विश्लेषण में एआई एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है। और (3) शिक्षा क्षेत्र में एआई के उपयोग के लिए नैतिक और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाना आवश्यक है।
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इस अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. जे. अच्युत देवी ने आर.बी.वी.आर.आर. विमेंस कॉलेज के इतिहास, उद्देश्यों, शैक्षणिक गुणवत्ता और महिला शिक्षा में कॉलेज की भूमिका पर विस्तृत व्याख्यान दिया। इस एफडीपी के उद्घाटन समारोह में हैदराबाद और आसपास के विभिन्न कॉलेजों के प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजकों ने आशा जताई कि इस पहल से शिक्षकों को एआई टूल्स की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी और वे इसे अपने शिक्षण एवं शोध कार्यों में प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे।

इस कार्यक्रम का समन्वय डॉ. सी. कविता (IQAC कोऑर्डिनेटर) ने कुशलतापूर्वक किया। इस अवसर पर प्रो. सुदर्शन रेड्डी (सेक्रेटरी एंड करेस्पॉन्डेंट), वाइस प्रिंसिपल सिंधुरी और कॉलेज के कई प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
