हैदराबाद : केंद्रीय हिंदी संस्थान के संस्थापक पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण जी का जन्मदिन हैदराबाद केंद्र पर मनाया गया। इस अवसर पर केंद्र के सभी सदस्यों ने उनके चित्रपट्ट पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनकी सेवाओं को याद किया।
इस अवसर पर केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. फत्ताराम नायक ने उनकी सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उनका मत था कि भाषा सार्वजनिक समाज की वस्तु है। अतः इसका विकास भी सामाजिक विकास के साथ-साथ ही चलना चाहिए। और हिंदीतर राज्यों में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।
डॉ. एस. राधा ने उनको याद करते हुए कहा कि मोटूरि का जन्म 2 फ़रवरी, 1902 को आंध्र प्रदेश में कृष्णा ज़िले के दोण्डपाडू नामक गाँव में हुआ था। यह संयोग की बात हाँ कि मेरा भी जन्म आंध्र प्रदेश में ही हुआ है। इसलिए वह मुझे ज्यादा अपने लगते हैं। हिंदी के प्रति उनकी रूचि और लगन को मैं नमन करती हूँ।
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डॉ. दीपेश व्यास ने कहा कि दक्षिण भारत में गांधी जी के आंदोलनों से प्रभावित होकर उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलने के साथ-साथ हिंदी के प्रचार-प्रसार में किए जा रहे कार्यों से प्रभावित होकर केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना करने वाले मोटूरि सत्यनारायण जी को उनके कार्यों के लिए हिंदी जगत सदा याद करता रहेगा।

सजग ने कहा कि मोटूरि सत्यनारायण ने हिंदीतर राज्यों के सेवारत हिंदी शिक्षकों को हिंदी भाषा के सहज वातावरण में रखकर उन्हें हिन्दी भाषा, हिंदी साहित्य एवं हिंदी शिक्षण का विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता का अनुभव किया। के. इंद्रा ने कहा कि मोटूरि जी कई भाषाओं के जानकार थे पर हिंदी के प्रति उनका लगाव उन्हें इसके प्रचार-प्रसार के लिए अधिक प्रोत्साहित करती थी।
