सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वूमेन में धूमधाम से मनाया गया विश्व हिंदी दिवस, पढ़ेंगे तो ही जान पाएंगे सब कुछ

हैदराबाद: विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वूमेन के एहसास क्लब ने कई प्रतियोगिताओं और भव्य समापन समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में डॉ राजीव कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

क्लब द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में ‘शब्दों की हेरा फेरी’ शामिल थी। इन प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया, जो हिंदी के प्रति उनकी लगन, निष्ठा, श्रद्धा और प्रेम दर्शाता है। इनमें ‘गोलमाल’, ‘हुनरबाज़-द टैलेंट शो’ ‘मूवी मिस्ट्री’ और ‘ओपन माइक’ के साथ-साथ स्टूडेंट्स के लिए कई मज़ेदार गतिविधियाँ भी थीं। इन सभी प्रतियोगिताओं को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह छात्रों के भाषा कौशल को बढ़ाने में मदद करें।

तीन दिवसीय अंतर-कॉलेज स्तर प्रतियोगिता बुधवार को शुरू हुई और इसका समापन शुक्रवार को कॉलेज सभागार में आयोजित किया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. राजीव कुमार सिंह रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत जैसे विशाल बहुभाषी राष्ट्र के लोगों को एक साथ बाँधने और एकजुट रखने के लिए हिंदी कितनी महत्वपूर्ण है। आज हिंदी का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप विश्व के लोगों को भारतीयता की ओर आकर्षित कर रहा है।

साथ ही उन्होंने हिंदी की वर्तमान स्थिति और उसे सीखने की आवश्यकता संबंधी अपने विचार रखे। डॉ. सुरेखा और डॉ. आज़ाद सर के मार्गदर्शन में पूरा आयोजन सफल रहा और छात्र इस तरह की प्रतियोगिता में भाग लेने से रोमांचित थे। मुख्य अतिथि ने महाविद्यालय के हिंदी विभाग और डॉ. सुरेखा जी को इस सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय द्वारा किया गया यह आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर छात्राओं द्वारा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। इनमें नृत्य, गायन, काव्यपाठ आदि गतिविधियाँ सम्मिलित थीं। विविध मातृभाषाओं वाली छात्राओं की हिंदी भाषा में प्रभावी प्रस्तुतियाँ इस उक्ति को सिद्ध कर रही थीं कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं है, यह भारत के लोगों को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है। हिंदी न केवल एक भाषा या संचार का माध्यम है, बल्कि प्रत्येक भारतीय के बीच एक सामाजिक और सांस्कृतिक सेतु भी है।

छात्राओं ने अपने संचालन के दौरान हिंदी से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि हिंदी दुनिया भर के 170 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी एक भाषा के रूप में पढ़ाई जाती है। एक भाषा के रूप में हिंदी न केवल भारत की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और प्रतिनिधि भी है। विश्व हिंदी दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रयोग को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर विविध प्रतियोगिताओं में विजेता छात्राएँ पुरस्कृत की गईं।

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