तेलंगाना: साढ़े तीन सालों में तीन लाख पेंशन कट, सभी योग्यताएं होने के बाद भी नया पेंशन नहीं, हो रही परेशानियां

हैदराबाद : तेलंगाना में दूसरी बार सत्ता में तेलंगाना राष्ट्र समिति सरकार ने साढ़े तीन सालों में विभिन्न कारणों से 3 लाख से अधिक लोगों का आसरा पेंशन कट कर दिया है। तीन महीने से पेंशन नहीं लेने, पेंशन धारक के मर जाने, गांव में मौजूद नहीं होने के कारणों से आसरा पेंशन की सूची में से नामों को हटाया जाता है। हालांकि 3.15 लाख नये लोगों को पेंशन के लिए योग्य/पात्र माना गया है। लेकिन उन्हें पेंशन नहीं दिया जा रहा है। सभी योग्यताओं के बावजूद पेंशन नहीं मिल रहा है। इसके चलते पेंशन धारकों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य रूप से विधवाओं के लिए परिवार का भरण पोषण और बुजुर्गों के लिए दवा का खर्च एक समस्या बन गया है। पांच महीने से पहले हए हुजूराबाद निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को छोड़कर तेलंगाना में कहीं पर भी नई पेंशन मिल रही है।

हर महीने 8 हजार पेंशन में कट

तेलंगाना में अगस्त 2018 तक असरा पेंशन लाभार्थियों की संख्या 39,42,371 थी। जनवरी 2022 तक यह संख्या घटकर 36,42,999 हो गई। अर्थात सरकार ने पिछले साढ़े तीन सालों में करीब तीन लाख से अधिक लोगों के पेंशन को रद्द कर दिया। तीन महीने से पेंशन नहीं लेने, पेंशन धारक के मर जाने, गांव में नहीं होने के कारणों से आसरा पेंशन की सूची में से नामों को हटा रही है। इस प्रकार हर महीने 6 से 8 हजार लोगों के पेंशन कट कर रही है। साल 2019 में आसरा पेंशन सूची से सरकार ने 1,16,534 लोगों के नामों को हटाया है। उसी साल दिसंबर में आयोजित एक विशेष अभियान में 52,082 नामों को हटा दिया है। इस प्रकार सरकार ने 50 करोड़ रुपये की आसरा पेंशन राशि बचत की है। सूची में निकाले गये बदले में नये लोगों को पेंशन देना चाहिए। मगर सरकार ऐसा नहीं कर रही है।

पेंशन के लिए इंतजार

सभी योग्यता होने के बाद भी लोगों नया पेंशन नहीं मिल रहा है। 65 वर्ष की आयु, दुर्घटना या जन्म से लकवाग्रस्त, विधवा महिला, 50 साल के ताड़ीतासक श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, एकल महिलाएं, एचआईवी रोगी, फाइलेरिया पीड़ित 3,15,262 लोग पेंशन के लिए योग्य हैं। सरकार की मंजूरी मिलने बाद भी बावजूद पेंशन मात्र नहीं दिया जा रहा है। इनमें से 1,59,452 विधवाएं हैं। इसके बाद 65 साल आयु वाले 64,749 लोग, 55,619 दिव्यांग, 6,351 ताड़ीतासक श्रमिक, 5,620 बीड़ी वर्कर, 3,297 हैंडलूम वर्कर, 10,997 सिंगल महिलाएं, 5,485 एचआईवी मरीज और 3,692 फाइलेरिया पीड़ित हैं। इनके लिए आसरा पेंशन मंजूर हुआ है। ऑनलाइन में दिखाई भी दे रहा है। मगर पेंशन नहीं आ रहा है।

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