स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन, शोक में डूबा भारत, अंतिम संस्कार में शामिल हुए PM मोदी, दी श्रद्धांजलि

हैदराबाद: स्वर कोकिला लता मंगेशकर (28 सितंबर 1929 – 6 फरवरी 2022) का रविवार को सुबह 8.12 बजे निधन हो गया। ब्रीच कैंडी अस्पताल में वेंटिलेटर पर इलाज जारी था। लता मंगेशकर के निधन से पूरा भारत शोक में डूब गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वर कोकिला लता मंगेशकर की अंतिम संस्कार में शामिल होने विशेष विमान से मुंबई पहुंच गये। शिवाजी पार्क जाएंगे, जहां लता की अंतिम संस्कार की तैयारियां की गई है।

महानायक अमिताभ बच्चन ने दिवंगत लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। अमिताभ दोपहर लता के निवास गये और श्रद्धांजलि अर्पित की। इनके अलावा अनेक फिल्मी हस्ती और नेता और गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि दी और देने आ रहे हैं।

‘भारत रत्न’ से सम्मानित मशहूर गायिका लता के निधन पर देश में दो दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 6.30 बजे के करीब पूरे राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में होगा। इस दौरान उनके शव को तिरंगे से लिपटाया जाएगा और सशस्त्र सेना के जवान अतिम संस्कार में उन्हें अंतिम सलामी दी जाएगी।

लता मंगेशकर ने 1947 में फिल्म मजबूर से एक गायिका के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत थी। लता ने अब तक 980 फिल्मों के लिए गा चुकी हैं। उन्होंने 36 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में 30,000 से अधिक गाने गाए हैं। उन्होंने चार फिल्मों का निर्माण भी किया है। उनके नाम गाए गए सबसे अधिक गीतों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। 1948 और 1978 के बीच 30,000 गाने गाकर एकमात्र गायिक के रूप में इतिहास रचा है। लता मंगेशकर का असली नाम हेमा है। हेमा का अर्थ है-सोना। उनके करीबी कहते है कि वह हर प्रकार से सोना ही थी।

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने प्रसिद्ध पार्श्व गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि उनके गीत आठ दशकों तक भारतीय फिल्म संगीत दुनिया में एक गहरी छाप छोड़ी है। उनकी मृत्यु भारतीय सिनेमा और संगीत के लिए एक अपार क्षति है। सीएम केसीआर ने कहा कि भारत को लता मंगेश्वर द्वारा गंधर्व गायन मिला है। वह भारतीय संगीत के लिए भगवान की ओर से एक उपहार है। लता जी की निधन के साथ गीत गूंगा हो गया है। ‘संगीत महल’ बंद हो गया है।

लता मंगेशकर की निधन से देश के सिनेमा को गहरा सदमा पहुंचा है। लता मंगेशकर की तीन बहनें-उषा मंगेशकर, आशा भोंसले, मीना खादीकर और भाई हृदयनाथ मंगेशकर हैं। लता का जन्म 28 सितंबर 1928 को इंदौर में हुआ था। प्रशंसकों के अंतिम दर्शनार्थ उनके पार्थिव शरीर को मुंबई के शिवाजी पार्क में रखा जाएगा। लता मंगेशकर ने राज्यसभा सांसद के रूप में 22 नवंबर 1999 से 21 नवंबर 2005) तक कार्य किया। लता के 13 साल की उम्र में उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर का हृदय रोग से निधन हो गया था।

गौरतलब है कि 92 वर्षीय लता मंगेशकर को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद 8 जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। डॉ प्रतीत समदानी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। देश भर में लता के प्रशंसक और संगीत प्रेमी उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे थे।

लता के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस पार्टी के प्रमुख राहुल गांधी सहित कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि लता जी का निधन हृदयविदारक है। भारत रत्न, लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय रहेंगी।

इसी क्रम में मुंबई में मौजूद केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री मंत्री नितिन गड़करी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लता को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने आगे कहा कि लता का निधन संगीत जगत के लिए अपार क्षति है। उनके निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ है। उन्होंने ईश्वर से उनके आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

इसी क्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने प्रसिद्ध पार्श्व गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि उनके गीत आठ दशकों तक भारतीय फिल्म संगीत दुनिया में एक गहरी छाप छोड़ी है। उनकी मृत्यु भारतीय सिनेमा और संगीत के लिए एक अपार क्षति है। सीएम केसीआर ने कहा कि भारत को लता मंगेश्वर द्वारा गंधर्व गायन मिला है। वह भारतीय संगीत के लिए भगवान की ओर से एक उपहार है। लता जी की निधन के साथ गीत गूंगा हो गया है। ‘संगीत महल’ बंद हो गया है।

आपको बता दें कि डॉ समदानी ने 29 जनवरी को कहा था कि गायिका की तबीयत में मामूली सुधार हुआ है और उन्हें वेंटिलेटर से हटा कर आईसीयू में रखा गया है। भारतीय सिनेमा में लता मंगेशकर ने 13 साल की उम्र में (1942) कॅरियर की शुरूआत की थी। उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में अब तक 30 हजार से अधिक गाने गाये हैं।

लगभग सात दशक के अपने कॅरियर में लता मंगेशकर ने कई ऐसे गाने गाए हैं। इसे आज भी लोग गुनगुनाते हैं। इनमें- अजीब दास्तां है ये, प्यार किया तो डरना क्या और नीला आसमां सो गया शामिल है। लता को भारत की ‘सुर साम्राज्ञी’ के नाम से जाना जाता है। लता को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा गया है। इसके अलावा लता को पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

पुरस्कार और तेलुगु में गाये तीन गीत

लता ने अपना पहला गाना 1942 में 13 साल की उम्र में गाया था। साल 1990 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला। उन्हें 2001 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। पद्म भूषण और पद्म विभूषण प्राप्त किया। अब तक 980 फिल्मों के लिए गाने गा चुके हैं। विभिन्न भाषाओं में 30,000 से अधिक गाने गाए हैं। 36 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए हैं। लता ने तेलुगु में केवल तीन गाने गाए। उन्होंने 1947 में फिल्म मजदूर के साथ एक गायिका के रूप में अपना करियर शुरू किया। लता को स्वर कोकिला कहते थे। 1995 में नागेश्वर द्वारा अभिनीत तेलुगु फिल्म संतानम में निदुरा पोरा तमुडा गीत बहुत प्रसिद्ध हुआ। 1965 में एनटीआर अभिनीत फिल्म दोरिकिते दोंगलु में श्री वेंकटेश का गीत भी प्रसिद्ध रहा है। 1988 में नागार्जुन की आखिरी पोराटम फिल्म में तेल्ल चीरा प्रसिद्ध हुआ है।

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