‘आजादी के 75 वर्ष और भविष्य की दिशाएं’ नामक परिचर्चा में इन वक्ताओं ने उठाये ये गंभीर मुद्दें, जानने के लिए पढ़ें खबर

नई दिल्ली: ‘नई पीढ़ी’ और राष्ट्रीय स्तर पर लेखकों पत्रकारों की प्रथम साझा मंच ‘राइटर्स एंड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन इंडिया’ की ओर से आयोजित ऑनलाइन परिचर्चा ‘आजादी के 75 वर्ष और भविष्य के दिशाएं’ गत दिनों सकुशल संपन्न हुई!
कार्यक्रम का संचालन करते हुए ‘नई पीढ़ी’ के सलाहकार संपादक तथा ‘वाजा इंडिया’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर विक्रम सिंह (Retd IAS) ने कहा कि-आज आजादी के 75 वर्ष में जबकि राष्ट्र निर्माण के लिए तेजी से काम करने की आवश्यकता है। ऐसे में हमारे नेताओं की सारी शक्तियां सत्ता में ही बने रहने के लिए ही खर्च हो रही हैं। श्री सिंह ने आगे कहा कि देश में तमाम छोटी-छोटी पार्टियां है, जिनका कोई राष्ट्रीय एजेण्डा नहीं है।

इस अवसर पर ला ऑर्गेनिक फूड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पूनम सिंह ने कहा कि आजादी के इन 75 वर्षों में पहले से ज्यादा जागरूकता आई है। उन्होंने व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं पर भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए दिल्ली प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष तथा वाजा इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बीत जाने पर भी अगले 25 वर्ष के कार्य योजना की जरूरत है।

अगले क्रम में भोजपुरी फिल्मों के दिग्गज निर्माता निर्देशक राजकुमार आर पांडे ने कहा कि कोरोना काल के बाद काफी परिवर्तन आया है। अब लोग अपनी जड़ों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इस दौरान श्री पाण्डेय ने भोजपुरी फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए यूपी सरकार को बधाई भी दी। इसी क्रम में ‘दैनिक भास्कर’ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रधान संवाददाता सुरेंद्र सिंह ने बातचीत के दौरान कहा कि हमें किसानों को समृद्ध करने पर जोर देना होगा। उन्होंने आगे कहा कि संचार के माध्यमों में आज हर व्यक्ति को पत्रकार बना दिया है। यह एक शुभ संकेत है।

इस अवसर पर प्रतिष्ठित चिंतक व विचारक आरडी आनंद ने कहा कि मोबाइल से अब दुनिया मुट्ठी में है। हम एक नई स्वर्ग जैसी दुनिया में आ गए है। जिसे हम और बेहतर बना सकते, परंतु हमने समाज को जाति धर्म और तमाम तरीके की विसंगतियों में बांध रखा है।

उक्त कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग के निदेशक प्रोफ़ेसर प्रवीण वर्मा ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में हमने शिक्षित बेरोजगार अधिक पैदा किये। बहरहाल इधर ई – लर्निंग का प्लेटफार्म मजबूत हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण भारत में टेक्नोलॉजी का उपयोग खेती में जिस तरह से किया जा रहा है उसी तरह नार्थ और पूर्वी भारत में भी होना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में नई पीढ़ी के संस्थापक तथा वाजा इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी सभी उपस्थित वक्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। यह परिचर्चा बेहद ज्ञानवर्धक व सार्थक रही, जिसमें सभी वक्ताओं के बीच गंभीर विमर्श हुआ।

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