आंध्र प्रदेश में एक और क्रांतिकारी कार्यक्रम का आगाज, 10 लाख छात्राओं में निशुल्क सैनिटरी नैपकिन वितरित

अमरावती: मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को ताडेपल्ली कैंप कार्यालय में ‘स्वेच्छा’ (swechha) कार्यक्रम का उद्घाटन किया। स्वेच्छा कार्यक्रम का उद्देश्य महिला और छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता की ओर आकर्षित करना है। इस अवसर पर सीएम जगन ने कहा कि ‘स्वेच्छा’ कार्यक्रम का लक्ष्य महिलाओं और छात्राओँ को स्वास्थ्य और स्वच्छ रखना है।

उन्होंने आगे कहा कि मासिक धर्म की समस्या के कारण छात्राओं की पढ़ाई बीच में रुक जा रही है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से सातवीं से बारहवीं तक की कक्षा की छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन मुफ्त में उपलब्ध कराये जाएंगे। इस दौरान 10 लाख छात्राओँ को नि:शुल्क नैपकिन वितरण किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में 10,388 स्कूल और कॉलजों में सैनिटरी नैपकिन वितरित किये जाएंगे। हर महीने जेसी (आसरा) के नेतृत्व में इसकी निगरानी की जाएगी। साथ ही महिला शिक्षक और एएनएम मिलकर छात्राओं में जागरुकता कार्यक्रम चलाये जाये। स्वेच्छा योजना के कार्यान्वयन पर नोडल अधिकारी के रूप में महिला शिक्षकों को नियुक्त किया जाये। दिशा ऐप और दिशा कानून के बारे में भी छात्राओं को जानकारी दें। सीएम जगन ने बताया कि महिला सशक्तिकरण में आंध्र प्रदेश नंबर वन है।

वाईएस जगन ने कहा कि वाईएसआर चेयूता स्टोरों में सैनिटरी नैपकिन को बेचने की व्यवस्ता की जाये। सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाओं में इतिहास बदलने की शक्ति है। छात्राओँ की स्वास्थ्य की देखभाल और स्वच्छता को प्राथमिकता देना है। इतना ही नहीं छात्राओं को स्कूल से दूरी से बचाने के उद्देश्य से स्वेच्छा कार्यक्रम को तैयार किया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को वाईएसआर स्टोरों में सस्ती कीमतों पर गुणवत्ता वाले नैपकिन बेचने के लिए आवश्यक कदम उठाये हैं।

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