Tokyo Olympics-2020: किस्मत ने महिला हॉकी को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया, गर्व से पहुंचा सेमीफाइनल, मगर…

हैदराबाद: टोक्यो ओलंपिक-2020 में भारतीय महिला हॉकी टीम को अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में भारत को 2-1 से दिया। मगर भले ही भारतीय हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में जगह नहीं बना पाई हो, मगर अब भी कांस्य पदक की होड़ में बरकरार रहकर भी उसने इतिहास रच दिया है। बुधवार को खेले गये मैच में वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर तीन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में भारत को 2-1 से हराकर उसकी स्वर्ण या रजत पदक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब टीम इंडिया का मकसद है कि वह अपने ओलंपिक अभियान का अंत कम से कम कांस्य पदक जीते।

गौरतलब है कि इससे पहले ओलंपिक में महिला हॉकी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई। खराब डिफेंस की वजह से किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि टीम इंडिया यहां तक पहुंच पाएगी। मगर भारतीय महिला टीम के बुलंद इरादों और कभी हार न मानने के हौसले ने डिफेंस को ही उसकी ताकत बना दिया। टीम इंडिया को किस्मत का भी साथ मिला, जिसने उसे क्वार्टर फाइनल में जगह दिलाई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुलंद इरादों ने उसे पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचाया।

हॉकी लीग राउंड में सिर्फ 2 मैच ही जीत पाने की वजह से भारत का क्वार्टर फाइनल का टिकट ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच पर टिका था। यह मुकाबला आयरलैंड और ब्रिटेन के बीच खेला जाना था। अगर यह मैच आयरलैंड जीत जाता, तो भारत का सफर ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो जाता। मगर ब्रिटेन ने आयरलैंड को 2-0 से हरा दिया और भारत क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर गया। इसके बाद भारत ने तीन बार की स्वर्ण पदक विजेता ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय टीम की हार के पांच मुख्य कारण रहे है। पहला कारण- टीम इंडिया ने सेमीफाइनल मुकाबले का आगाज शानदार तरीके से किया। मैच के दूसरे मिनट में ही गुरजीत कौर ने पैनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर के भारत को बढ़त दिलाई। मगर भारत इस बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया। अर्जेंटीना ने मैच के 18वें और 36वें मिनट में गोल दागकर भारत पर बढ़त बना ली। दूसरा कारण- अर्जेंटीना के डिफेंस को भेद नहीं पाये। टीम इंडिया की हार की सबसे बड़ी वजह रही कि वह अर्जेंटीना के डिफेंस को भेदने कामयाब नहीं हो सकी। अर्जेंटीना ने अपने डी में भारतीय बॉल को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। यही कारण रहा कि अर्जेंटीना ने भारत के मुकाबले आधे यानी तीन पैनल्टी कॉर्नर ही दिये।

तीसरा कारण- टीम इंडिया को भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया से ऑस्ट्रेलिया जैसी परफॉर्मेंस की उम्मीद थी। लेकिन वह वैसा प्रदर्शन दोहरा नहीं पाईं, जैसा उसे खेलना चाहिए था। अर्जेंटीना में मैच में दोनों गोल पैनल्टी कॉर्नर के जरिए किये। अगर सविता यह गोल बचाने में कामयाब हो जाती, तो मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था। चौथा कारण- छह पैनल्टी कॉर्नर देना भारी पड़ा भारत ने अर्जेंटीना को गोल करने के ज्यादा मौके दिए। इसकी सबसे बड़ी वजह थी- जरूरत से ज्यादा डिफेंसिव खेल खेलना। यही कारण था कि अर्जेंटीना भारतीय टीम के डी में बार-बार बॉल ले जाने में कामयाब हो सका। इसका खामियाजा भारत को छह पैनल्टी कॉर्नर के रूप में चुकाना पड़ा। इसमें से 2 पर अर्जेंटीना ने गोल किये।

पांचवा कारण- शुरुआती 2 क्वार्टर में भारत ने शानदार खेल दिखाया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव साफ दिखा। तीसरे और चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम आक्रामक खेल नहीं दिखा पाई। मैच में शूटिंग एफिसिएंसी से लेकर पजेशन तक अर्जेंटीना भारी रहा। 53 फीसदी बॉल पजेशन के साथ अर्जेंटीना आगे रहा। इसके मुकाबले भारत का बॉल पर कंट्रोल 47 फीसदी ही रहा। अब 6 अगस्त को भारत मुकाबला ब्रिटेन से होगा। ब्रिटेन ने ग्रुप स्टेज में भारत को 4-1 से हराया था। मुकाबला सुबह 7 बजे से खेला जाएगा। भारत यह मुकाबला जीत जाता है, तो वह कांस्य पदक जीतकर भी इतिहास रच सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

    Archives

    Categories

    Meta

    'तेलंगाना समाचार' में आपके विज्ञापन के लिए संपर्क करें

    X