‘वाजा इंडिया’ ओड़िशा इकाई की अध्यक्ष बनी डॉ इति सामंत, लेखकों और पत्रकारों ने दी बधाई

भुवनेश्वर/नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्तर पर लेखकों-पत्रकारों के प्रथम साझा मंच ‘राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ (वाजा इंडिया) ने ओड़िशा की प्रख्यात पत्रकार, लेखिका समाजसेवी व उद्यमी डॉ इतिरानी सामंत को वाजा ओड़िशा इकाई का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया है। राष्ट्रीय कमेटी की सहमति पर यह मनोनयन पत्र ‘वाजा इंडिया’ के राष्ट्रीय महासचिव शिवेन्द्र प्रकाश द्विवेदी द्वारा नई दिल्ली कार्यालय से जारी किया गया।

‘द कादम्बिनी’

बताते चलें कि ओड़िशा के कटक जनपदान्तर्गत कलराबंका नामक छोटे से गांव में जन्म लेने वाली डॉ इतिरानी सामंत की शुरुआती शिक्षा ग्रामीण अंचल से हुई। तदुपरांत उन्होंने उत्कल विश्व विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और शोधकार्य संपन्न किया। कादम्बिनी मीडिया प्रालि की डॉयरेक्टर डॉ इतिरानी की खासियत यह है कि वर्ष 2001 में जब तमाम उड़िया पत्रिकायें नियमित प्रकाशन के लिए संघर्ष कर रही थीं और तमाम प्रकाशकों ने अपने अनेक प्रकाशन गृहों को बंद कर दिया था, जिससे उड़िया भाषा और साहित्य की भारी क्षति हो रही थी, ऐसे कठिन हालात में उन्होंने एक रंगीन पारिवारिक पत्रिका के प्रकाशन का साहसिक कदम उठाया। वास्तव में ‘द कादम्बिनी’ नामक इस पत्रिका ने उड़िया पत्रिकाओं के इतिहास में एक नया युग स्थापित किया।

सम्मान व पुरस्कार

इसी तरह कादम्बिनी साहित्य महोत्सव डॉ इति सामंत की एक अनूठी पहल रही है। उडि़या भाषा की कई प्रतिष्ठित पुस्तकों की संपादक, प्रकाशक, लेखिका व क्षेत्रीय स्तर पर तमाम सामाजिक फिल्मों व टेली फिल्मों की निर्मात्री डॉ इति सामंत को उनके विभिन्न क्रियाकलापों के लिए सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर अभी तक 80 की संख्या के ऊपर सम्मान व पुरस्कार मिल चुके हैं।

निस्वार्थ भाव से समर्पित

इन सबके अलावा डॉ इति सामंत वर्ष 2007 में ओड़िशा स्टेट फिल्म अवार्ड कमेटी की ज्यूरी मेंबर तथा वर्ष 2011 से 13 तक ओड़िशा साहित्य अकादमी के जनरल कौंसिल की सदस्य रही है। वर्तमान में वह भारत सरकार के केन्द्रीय बोर्ड आफ फिल्म सर्टीफिकेशन (CBFC) की सदस्य व ओड़िशा के पोस्ट फोरम पोस्टल डिपार्टमेंट की सदस्य हैं। ज्ञातव्य है कि डॉ इतिरानी सामंत जिस तरह से उड़ीसा की भाषा साहित्य और संस्कृति के प्रति पूरी तरह निस्वार्थ भाव से समर्पित होकर कार्य कर रही हैं।

बधाई

इसी तरह ओड़िशा के सामाजिक व शैक्षिणक उन्नयन के लिए KIIT डीम्ड विश्वविद्यालय तथा आदिवासी व गरीब बच्चों के उन्नयन को समर्पित कलिंगा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंसेज नामक संस्थान के माध्यम से उनके बड़े भाई डॉ अच्युत सामंत भी सेवारत हैं। उनकी इसी निस्वार्थ सेवा भावना को देखते हुए ओड़िशा के कंधमाल लोकसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हे भारी मतों से अपना सांसद बनाकर अपने ह्रदय में बिठाया है। गरीबी से उठकर खड़े हुये यह दोनो भाई-बहन आज ओड़िशा की नई पीढ़ी के प्रेरणास्रोत हैं। डॉ इति सामंत के वाजा ओड़िशा का अध्यक्ष मनोनीत होने पर लेखकों-पत्रकारों ने उन्हें बधाई दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

    Archives

    Categories

    Meta

    'तेलंगाना समाचार' में आपके विज्ञापन के लिए संपर्क करें

    X