चारुपाठ प्रकाशन की एक और पहल, मृत्यु के निकट पहुंचे के. राजन्ना की आत्मकथा अब बांग्ला में- ‘फिरे आसा’, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन होगी प्रकाशित

दक्षिण भारत की तेलुगु भाषा में प्रकाशित एक पत्रकार की आत्मकथा अब बांग्ला पाठकों तक पहुँचने जा रही है। लेखक और पत्रकार के. राजन्ना की आत्मकथा का बांग्ला अनुवाद अध्यापिका … Continue reading चारुपाठ प्रकाशन की एक और पहल, मृत्यु के निकट पहुंचे के. राजन्ना की आत्मकथा अब बांग्ला में- ‘फिरे आसा’, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन होगी प्रकाशित