विश्लेषात्मक लेख : लोकतंत्र बनाम लोक सुरक्षा में कब तक पिसते रहेंगे नागरिक!?

हाल ही में देश में एक राज्य में चुनाव सम्पन्न हुआ। ऐसा प्रतीत हुआ मानो कोई असाधारण आपात स्थिति हो—जैसे तीसरे विश्वयुद्ध की आहट। यह स्थिति अपने आप में प्रश्न … Continue reading विश्लेषात्मक लेख : लोकतंत्र बनाम लोक सुरक्षा में कब तक पिसते रहेंगे नागरिक!?